By रेनू तिवारी | Jul 09, 2026
भारत और मालदीव के बीच कूटनीतिक और व्यापारिक रिश्तों को एक बड़ी मजबूती मिलने जा रही है। दोनों देशों ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'द्विपक्षीय निवेश संधि' (BIT) पर बातचीत को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, और अब इस समझौते के मसौदे (टेक्स्ट) का कानूनी परीक्षण (लीगल स्क्रूटनी) चल रहा है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच प्रस्तावित 'मुक्त व्यापार समझौते' (FTA) को लेकर भी बातचीत काफी तेज हो गई है। यह प्रगति मालदीव के आर्थिक विकास, परिवहन एवं व्यापार मंत्री मोहम्मद सईद और भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के बीच नई दिल्ली में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान सामने आई।
यह समझौता द्विपक्षीय निवेश प्रवाह को बढ़ाने में मदद करेगा। अप्रैल, 2000 से मार्च, 2026 के बीच भारत को मालदीव से 1.26 करोड़ डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) मिला है। दोनों देशों ने सात जुलाई को एफटीए पर वार्ता का एक दौर पूरा किया। ऐसे समझौतों में आम तौर पर अधिकतर वस्तुओं पर आयात शुल्क कम या समाप्त कर दिए जाते हैं। भारत और मालदीव के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2025-26 में 13.5 प्रतिशत बढ़कर 77.18 करोड़ डॉलर हो गया, जो 2024-25 में 69 करोड़ डॉलर था।