Nepal Flash Floods: नेपाल में तबाही के बाद भी जारी जिंदगी की तलाश, बाढ़ में 675 लोगों की मौत; करीब 3 हजार अब भी लापता

By Neha Mehta | Aug 30, 2026

नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन पहाड़ी इलाकों में राहत और बचाव का काम अभी थमा नहीं है। कीचड़, मलबे और लगातार बदलते मौसम के बीच बचावकर्मी उन लोगों की तलाश में जुटे हैं, जिनका अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 675 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 3,000 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: Tibet Nepal Border पर आई बाढ़ में 49 भारतीयों समेत 261 विदेशी लापता

बुधवार को ग्लेशियर के टूटने के बाद पहाड़ी नदी तंत्र में अचानक पानी का सैलाब उमड़ पड़ा। यह सामान्य बाढ़ नहीं थी। पानी के साथ चट्टानें, बर्फ, मिट्टी और भारी मलबा इतनी तेजी से नीचे आया कि रास्ते में आने वाली इमारतें, पुल और बिजलीघर तक इसकी चपेट में आ गए। कुछ ही समय में कई इलाकों का पूरा भूगोल बदल गया। जहां पहले सड़कें और पुल लोगों को जोड़ते थे, वहां अब मलबे का ढेर दिखाई दे रहा है। बचावकर्मियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि कई जगहों पर पहुंचने के रास्ते खुद बाढ़ में बह चुके हैं।

इस आपदा का असर नेपाल तक सीमित नहीं रहा। तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में भी भारी तबाही हुई, जहां नेपाल-चीन सीमा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण क्रॉसिंग कॉम्प्लेक्स पानी और मलबे के तेज बहाव में पूरी तरह तबाह हो गया। चीन के मुताबिक, तिब्बत में इस आपदा के कारण 16 लोगों की मौत हुई है और 546 लोग अभी लापता हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में बाढ़ का विशाल सैलाब इमिग्रेशन बिल्डिंग के पूरे परिसर को अपनी चपेट में लेता दिखाई दिया। इन तस्वीरों ने दुनिया भर का ध्यान इस आपदा की भयावहता की ओर खींचा।

इसे भी पढ़ें: Nepal Floods: Nagpur के 102 तीर्थयात्री काठमांडू से सुरक्षित घर लौटे

नेपाल की मुश्किल घड़ी में भारत ने राहत अभियान तेज कर दिया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के मुताबिक, भारत ने नेपाल के लिए चौथी राहत उड़ान भेजी, जिसमें करीब 11 टन राहत सामग्री थी। भारतीय वायुसेना के C-130 विमान से भेजी गई इस खेप में सर्च एंड रेस्क्यू उपकरण, टनल तकनीकी टीम, फोरेंसिक विशेषज्ञों से जुड़ी सामग्री और DNA विश्लेषण के लिए जरूरी उपकरण शामिल हैं। इसके साथ ही कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट जैसी जरूरी चीजें भी भेजी गई हैं। इन सामानों का इस्तेमाल राहत शिविरों और प्रभावित इलाकों में तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जा रहा है।

इसे भी पढ़ें: Nepal Floods पर शिशिर खनाल ने भारत की मदद के लिए जताया आभार, राहत कार्य जारी

जयशंकर के अनुसार, 230 फुट लंबे सिंगल-लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के लिए जरूरी उपकरणों से लदे 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं। इसके अलावा सात और बेली ब्रिज के लिए जरूरी सामान भी जल्द भेजे जाने की तैयारी है। इन पुलों को स्थापित करने के लिए तकनीकी टीमें भी नेपाल पहुंचेंगी। उम्मीद है कि अस्थायी पुल तैयार होने के बाद उन इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाना आसान होगा जहां फिलहाल संपर्क टूट चुका है।

भारत की ओर से नेपाल के लिए अब तक 68.5 टन राहत सामग्री एयरलिफ्ट की जा चुकी है। इसमें जरूरी दवाइयां, पोर्टेबल जनरेटर, खाने के पैकेट, पानी साफ करने वाली गोलियां और तकनीकी उपकरण शामिल हैं। नेपाल को इस समय सिर्फ भोजन और दवाइयों की जरूरत नहीं है। कई इलाकों में सड़क और पुलों के टूट जाने के कारण भारी मशीनरी, तकनीकी विशेषज्ञों और खोज-बचाव उपकरणों की भी जरूरत पड़ रही है।

प्रमुख खबरें

Nepal में बाढ़ की भारी तबाही के बीच China पर लगा वीडियो डिलीट करने का आरोप, बड़े अखबारों का दावा सोशल मीडिया से हटाई गयी पोस्ट्स

Kapil Sibal ने Mohan Bhagwat पर साधा निशाना: विदेश में बातें और घर में चुप्पी नहीं चलेगी

Samrat Choudhary ने सम्मानित किए Para Athletes, पदक विजेता खिलाड़ियों को दिए चेक

BJP President Nitin Nabin ने 7 राज्यों के चुनाव और Youth Outreach पर की बैठक