By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 30, 2026
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के चौथे दिन रविवार को गंडक नदी की तेज धार के साथ चार अन्य शव बहकर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर पहुंचे और इसके साथ ही जिले में अब तक नदी से 13 शव बरामद किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि रविवार को छितौनी तटबंध के भेड़ियारी ठोकर नंबर तीन के पास राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम ने नदी से दो महिलाओं और दो पुरुषों के शव बरामद किए।
उनके परिजनों ने रविवार को यह जानकारी दी। कुशीनगर निवासी करण शर्मा (34) नेपाल के रसुवा जिले में एक जलविद्युत परियोजना में ‘फोरमैन’ के पद पर कार्यरत थे और उनके शनिवार से लापता होने की जानकारी सामने आई थी। कुशीनगर के अमडिहा गांव निवासी अरुण कुमार सिंह (32) और बोदरवार क्षेत्र के मुंडेरा गांव निवासी रविंद्र सिंह के भी लापता होने की जानकारी मिली।
वहीं, हाटा थाना क्षेत्र के पिपरा तिवारी गांव निवासी सुनील के परिवार ने भी बताया कि आपदा के बाद से उनका संपर्क उनसे नहीं हो पाया है। अरुण कुमार सिंह वर्ष 2024 से नेपाल के त्रिशूली क्षेत्र में एक बिजली परियोजना में स्टोर प्रभारी के रूप में काम कर रहे थे। उनके भाई अनिल सिंह ने बताया कि अरुण से परिवार की आखिरी बातचीत 26 अगस्त को सुबह करीब छह बजे हुई थी, जिसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद है।
उनकी पत्नी सौम्या सिंह और 10 महीने की बेटी उनके सुरक्षित लौटने की उम्मीद लगाए हुए हैं। रविंद्र सिंह के बेटे अंकित ने बताया कि आपदा वाले दिन सुबह करीब छह बजे उनकी पिता से आखिरी बार बात हुई थी। सुनील के परिवार के अनुसार, संबंधित कंपनी ने उन्हें सुरक्षित बताया है लेकिन परिजन अब तक उनसे संपर्क नहीं कर पाए हैं।
सुनील के पिता सूरज गोड़ ने कहा कि बेटे के सुरक्षित होने की खबर से परिवार को उम्मीद जगी है लेकिन अभी कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है। एक अन्य मामले में बिहार के मोतिहारी निवासी 11 वर्षीय धर्म कुमार अपने पिता नंदलाल साहनी की तलाश में कुशीनगर में गंडक नदी के किनारे भटक रहा है। नंदलाल नेपाल के रसुवा जिले में कबाड़ की दुकान चलाते थे और बाढ़ के बाद से लापता हैं।
धर्म और उसके तीन भाइयों ने बाढ़ से बचने के बाद प्रशासन की मदद से कुशीनगर में प्रवेश किया था। वह अब अपने पिता की तलाश उस गंडक नदी के किनारे कर रहा है, जिसे नेपाल में नारायणी नदी के नाम से जाना जाता है। नेपाल इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अनुसार, अपर त्रिशूली-1 परियोजना में काम करने वाली एंड्रिट्ज हाइड्रो कंपनी के 76 कर्मचारी आपदा के बाद लापता बताए गए हैं।
रसुवा जिले में अचानक आई बाढ़ और उसके बाद हुए भूस्खलन से भारी तबाही हुई है। बाढ़ में कई जलविद्युत परियोजनाएं, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं तथा बड़ी संख्या में लोग लापता हैं।