Nepal Flood में लापता विदिशा की इंजीनियर और रायसेन के दो श्रमिकों की पहचान के लिए होगा DNA Test

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 04, 2026

विदिशा/रायसेन (मध्यप्रदेश), चार सितंबर नेपाल में आई बाढ़ के बाद से लापता मध्यप्रदेश के विदिशा की इंजीनियर स्वाति बागरेचा और रायसेन जिले के दो श्रमिकों का पता लगाने और उनकी पहचान करने के लिए उनके परिजनों के डीएनए नमूने लिए जाएंगे। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। नेपाल ने आपदा पीड़ितों की पहचान के लिए डीएनए जांच शुरू कर दी है।

सिविल सर्जन डॉ. अनूप वर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उन्होंने स्वाति के भाई डॉ. प्रशांत बागरेचा से डीएनए नमूने लेने की प्रक्रिया के संबंध में बात की है। पुलिस अधीक्षक काशवानी ने कहा कि स्वाति के परिजनों के नमूने लिए जाएंगे और उनसे चर्चा के बाद जांच की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जाएगी। स्वाति (50) 77 सदस्यीय दल के साथ आठ अगस्त को कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकली थीं।

वह 26 अगस्त को आव्रजन संबंधी औपचारिकताओं के लिए नेपाल-तिब्बत सीमा पर मौजूद थीं, तभी आपदा आ गई। इसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है। परिवार के अनुसार, स्वाति की 14 वर्षीय बेटी अनुष्का अपनी बड़ी बहन के साथ मुंबई में ही रुक गई है।

प्रशांत ने इससे पहले ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा था, ‘‘उनका (स्वाति का) मोबाइल अब भी बज रहा है, लेकिन वह हमारी फोन कॉल का जवाब नहीं दे रही हैं। हम उनकी सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं।’’ परिवार ने स्वाति का पता लगाने में मदद के लिए नेपाल स्थित कनाडाई और भारतीय दूतावासों से संपर्क किया है। प्रशांत ने बताया कि स्वाति के फोन की ‘लोकेशन’ से चीन की सीमा के पास किसी स्थान पर गतिविधि होने का संकेत मिला था, लेकिन नंबर टोरंटो में पंजीकृत होने के कारण फोन को ‘ट्रैक’ करना मुश्किल साबित हुआ।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी परिवार से बात की थी और स्वाति की तलाश तेज करने के लिए राजनयिक एवं प्रशासनिक स्तर पर प्रयास शुरू किए। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को चट्टानों के खिसकने और हिमस्खलन के कारण अचानक आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी। बाढ़ में मकान, वाहन, सड़कें और पुल बह गए तथा जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा।

नेपाल में इस आपदा में मरने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 1,282 हो गई। इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि रायसेन जिले के विशेष राजपूत और हिमांशु शाक्य की पहचान करने के लिए उनके परिजनों के डीएनए नमूने भी लिए जाएंगे। ये दोनों काम के सिलसिले में नेपाल गए थे।

सिविल सर्जन डॉ. अनिल ओड ने बताया कि राजपूत के परिवार ने डीएनए जांच के लिए जिलाधिकारी से संपर्क किया है। जिलाधिकारी की अनुमति के बाद नमूने लेने और नियमानुसार प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। रायसेन के जिलाधिकारी अरुण कुमार विश्वकर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि राजपूत और शाक्य के माता-पिता के नमूने लिए जाएंगे।

अधिकारियों ने बताया कि सुल्तानपुर तहसील के मंजूस कला गांव निवासी राजपूत और मंडीदीप निवासी शाक्य, रायसेन के पास मंडीदीप स्थित एंड्रिट्ज हाइड्रो प्राइवेट लिमिटेड के जरिये ऊपरी त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना में काम करने के लिए नेपाल गए थे। जिला प्रशासन ने बताया कि मंडीदीप स्थित कंपनी के छह श्रमिक जलविद्युत परियोजना में काम करने के लिए नेपाल गए थे। करीब 48 घंटे बाद उनमें से चार से संपर्क हो गया था लेकिन राजपूत और शाक्य के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिली है।

राजपूत के परिवार ने इससे पहले बताया था कि उन्होंने आपदा वाले दिन सुबह करीब साढ़े आठ बजे अपनी दादी से फोन कॉल के जरिए बात की थी लेकिन इसके बाद उनसे संपर्क टूट गया। अधिकारियों ने बताया कि दोनों श्रमिकों के परिवार उनके सुरक्षित लौटने की उम्मीद कर रहे हैं और जिला प्रशासन उनके बारे में जानकारी हासिल करने के लिए कंपनी के संपर्क में है।

प्रमुख खबरें

फर्श पर पड़े नूडल्स से बन रही थी नमकीन भुजिया! FSSAI की बड़ी कार्रवाई, Wai Wai बनाने वाली कंपनी के उत्पादन पर रोक

पूर्व Election Commissioner Ashok Lavasa ने SIR प्रक्रिया के औचित्य पर उठाए सवाल

सोनिया गांधी की किताब Belonging: A Journey of Love पर विवाद खत्म! पेंगुइन के इनकार के बाद अब HarperCollins India छापेगा संस्मरण

Delhi Police के खिलाफ कॉजपा का प्रदर्शन, Swatantra Bhardwaj की गिरफ्तारी की मांग