Nepal Floods Live Updates: Glacier की चट्टान टूटने से नेपाल में मची तबाही, भयानक बाढ़ से अब तक 469 लोगों की मौत

By एकता | Aug 28, 2026

नेपाल पुलिस द्वारा शुक्रवार को जारी बयान के अनुसार, इस सप्ताह की शुरुआत में आई विनाशकारी बाढ़ में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो चुकी है। प्रभावित क्षेत्रों से हेलीकॉप्टरों द्वारा 50 विदेशी नागरिकों सहित 796 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि इतने ही लोगों को जमीनी रास्ते से बचाया गया है। इस बीच, नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने स्पष्ट किया कि नेपाल के सुरक्षा बल स्वयं खोज और बचाव अभियान चला रहे हैं, इसलिए फिलहाल देश को विदेशी खोज एवं बचाव टीमों की आवश्यकता नहीं है।

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 Today  11:35

Nepal Floods Live: ब्रिटेन ने दी 50 लाख पाउंड की सहायता राशि, रेस्क्यू टीम भेजने की भी पेशकश

Nepal Floods Live: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से सैकड़ों लोगों की जान जाने और एक हजार से अधिक लोगों के लापता होने के बाद ब्रिटेन ने मदद का हाथ बढ़ाया है। ब्रिटेन सरकार ने नेपाल के लिए 50 लाख पाउंड (लगभग 50-55 करोड़ रुपये) की आपातकालीन वित्तीय सहायता की घोषणा की है। इसके साथ ही पीड़ित लोगों की मदद के लिए ब्रिटेन ने अपनी आपातकालीन बचाव टीमों को भी नेपाल भेजने की पेशकश की है।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने गुरुवार को नेपाल से आ रही तस्वीरों और खबरों को बेहद 'दर्दनाक और दुखद' बताया। उन्होंने बताया कि लगभग 33 ब्रिटिश नागरिक भी इस आपदा के बाद से लापता हैं। ब्रिटेन ने अपने नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए एक कांसुलर टीम को तुरंत प्रभावित क्षेत्र में तैनात कर दिया है। प्रधानमंत्री बर्नहैम ने कहा कि यूके सरकार लापता लोगों के परिवारों को हर संभव सहायता दे रही है और सहायता टीम भेजने का अंतिम फैसला नेपाल सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
 Today  11:32

Nepal Floods Updates: ममदानी ने नेपाल-चीन सीमा बाढ़ से प्रभावित लोगों के प्रति जताई संवेदना

Nepal Floods Updates: न्यूयॉर्क शहर के मेयर ज़ोहरान ममदानी ने नेपाल-चीन (तिब्बत) सीमावर्ती इलाकों में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित भारत, नेपाल और तिब्बत के लोगों के प्रति अपनी गहरी एकजुटता और संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष रूप से तिब्बती और नेपाली भाषाओं में संदेश जारी कर इस त्रासदी में अपनों को खोने और प्रभावित होने वाले परिवारों का समर्थन किया है।

 

 Today  11:31

Nepal Floods: भोटे कोशी और त्रिशूली नदी के तटीय इलाकों में अलर्ट, तेजी से जमा हो रहा पानी

Nepal Floods: नेपाल और चीन (तिब्बत) सीमा पर आई भीषण तबाही के बाद अब एक और नई प्राकृतिक आपदा का खतरा मंडराने लगा है। नेपाल-तिब्बत सीमा पर छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास एक नई बैरियर लेक बन गई है। चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि इस झील के टूटने का बड़ा जोखिम है, जिससे भोटे कोशी और त्रिशूली नदी के निचले इलाकों में एक बार फिर भयानक बाढ़ आ सकती है।

झील में पानी की स्थिति: चीन के अनुसार, झील में लगभग 20 लाख (2 मिलियन) क्यूबिक मीटर पानी पहले ही जमा हो चुका है और अगले तीन दिनों में 30 लाख (3 मिलियन) क्यूबिक मीटर अतिरिक्त पानी इसमें आ सकता है।

तकनीकी निगरानी और सिमुलेशन: चीन ने इस स्थिति से निपटने के लिए ड्रोन, सैटेलाइट और 3D मॉडलिंग जैसी तकनीकों का सहारा लिया है और बाढ़ सिमुलेशन का अध्ययन कर रहा है।

नेपाल प्रशासन का अलर्ट: नेपाल के जलविज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग ने भोटे कोशी, त्रिशूली और नारायणी नदी के किनारे रहने वाले सभी लोगों, यात्रियों और बचाव दलों को नदी तटों से दूर सुरक्षित स्थानों पर रहने की कड़ी हिदायत दी है।  
 Today  11:27

Nepal Floods Live: नेपाल ने कहा, खोज और बचाव कार्यों के लिए फिलहाल विदेशी टीमों की आवश्यकता नहीं

Nepal Floods Live: नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद विदेशी रेस्क्यू टीमों की पेशकश पर नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने शुक्रवार को स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों से मदद की पेशकश आना स्वाभाविक है, लेकिन नेपाल की अपनी सुरक्षा एजेंसियां (सेना और पुलिस) खोज और बचाव अभियान चलाने में पूरी तरह सक्षम हैं और फिलहाल देश को विदेशी रेस्क्यू टीमों की जरूरत नहीं है।

नेपाली अधिकारियों के अनुसार, भारत, चीन और कई अन्य देशों की ओर से अपनी आपदा मोचन टीमों को भेजने का अनुरोध मिला था, जिसे विनम्रतापूर्वक अस्वीकार कर दिया गया है। नेपाल सरकार ने यह फैसला 2015 के भूकंप के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए लिया है, जब बड़ी संख्या में विदेशी टीमों के आने से समन्वय और प्रबंधन में चुनौतियां खड़ी हुई थीं। हालांकि, नेपाल ने स्पष्ट किया है कि वह मानवीय राहत सामग्री और पुनर्निर्माण के लिए वित्तीय सहायता का स्वागत करता है। इसके साथ ही, विदेशी नागरिकों की सहायता और समन्वय के लिए विदेश मंत्रालय में एक समर्पित 'इमरजेंसी रिस्पांस टीम' का गठन भी किया गया है।

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