Nepal Floods में 177 लोगों की मौत, 300 भारतीय पर्यटकों समेत 800 से अधिक लापता

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 27, 2026

शिरीष बी प्रधान काठमांडू, 27 अगस्त नेपाल में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 177 हो गई है और इस त्रासदी में 300 भारतीय पर्यटकों समेत सैंकड़ों लोग लापता हैं जिनकी तलाश युद्धस्तर पर जारी है। बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के तीन जिलों में भारी तबाही मचाई है। नेपाल पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद 12 और शव बरामद किए गए, जिससे मृतक संख्या बढ़कर 177 हो गई।

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि अचानक आई बाढ़ में लापता बताए जा रहे हजारों लोगों में करीब 300 भारतीय पर्यटक शामिल हैं। खनाल ने यह भी पुष्टि की कि रसुवा क्षेत्र में हुई इस त्रासदी में 160 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोगों का अभी पता नहीं चल पाया है। खनाल ने कहा, ‘‘हजारों परिवारों ने अपने घर खो दिए हैं...हम अब भी आपदा के पूरे स्वरूप का आकलन करने की कोशिश कर रहे हैं।’’ इस बीच, प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के लिए बृहस्पतिवार को नुवाकोट जिले की बिदुर नगरपालिका का दौरा किया।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, बुनियादी ढांचा विकास मंत्री सुनील लम्साल भी उनके साथ थे। टीम सड़क मार्ग से काठमांडू से बिदुर के लिए रवाना हुई, जो बाढ़ से सबसे बुरी तरह प्रभावित इलाकों में से एक है। बुधवार को रसुवा में भोटेकोशी नदी का पानी बढ़ने से नदी किनारे बसे इलाकों में भारी नुकसान हुआ था और उसके बाद से शाह बचाव एवं राहत कार्यों की लगातार निगरानी कर रहे हैं।

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के आंकड़ों के अनुसार, अचानक आई बाढ़ में करीब 826 लोग लापता हैं। अधिकारियों ने बताया कि नेपाल सेना के कम से कम 44 जवान, नेपाल पुलिस के 28 कर्मी और सशस्त्र पुलिस बल के 13 कर्मियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसी तरह विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं और सीमा शुल्क कार्यालयों में काम करने वाले करीब 162 लोग भी लापता हैं।

अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ के बाद 579 पर्यटकों, जिनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, का पता नहीं चल पाया है। इनमें से ज्यादातर तिब्बत में कैलाश मानसरोवर और नेपाल के बागमती प्रांत में गोसाईंकुंड जाने के रास्ते में थे। बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में अब तक 73 लोग घायल हुए हैं।

इनमें रसुवा के 43, नुवाकोट के 27 और धादिंग के तीन लोग शामिल हैं। उनका काठमांडू स्थित त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल समेत विभिन्न अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है। बाढ़ में मुख्य रूप से मध्य नेपाल में मोटर वाहन गुजरने योग्य 35 पुल, 45 झूला पुल और 40 किलोमीटर पक्की सड़क क्षतिग्रस्त हुई है।

एनडीआरआरएमए के अनुसार, रसुवा के तिमुरे इलाके में फंसे 123 लोगों को बचाया गया, जिनमें 94 नेपाली और 29 विदेशी नागरिक हैं। समाचार पोर्टल माई रिपब्लिका के अनुसार, आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने कहा कि प्रारंभिक आकलन है कि हिमस्खलन से नेपाल-चीन सीमा के पास नदी का बहाव रुक गया, जिसके कारण यह बाढ़ आई। आकलन के अनुसार त्रिशुली नदी में आई बाढ़ का कारण ऊपरी धारा में हिमस्खलन का सैलाब आने से ल्हेंदे नदी का मार्ग अवरुद्ध होना था।

‘माई रिपब्लिका’ की बृहस्पतिवार की खबर के अनुसार, आपदा विशेषज्ञ बसंत राज अधिकारी का भी कहना है कि हिमस्खलन की वजह से ल्हेंदे नदी का बहाव रुक गया और बाढ़ आ गई। कुछ स्थानों पर कीचड़ और चट्टानों के जमा होने से सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि अन्य जगहों पर बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए यातायात रोक दिया गया है। काठमांडू के नागढुंगा से मुगलिंग तक जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा अनिश्चितकाल के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

यह काठमांडू को देश के अन्य जिलों से जोड़ने वाला प्रमुख राजमार्ग है। इसी तरह इलाम जिले के मेची राजमार्ग, कावरे के बीपी राजमार्ग, मकवानपुर के कांती लोकपथ, रसुवा और नुवाकोट के राष्ट्रीय राजमार्ग, धादिंग के पृथ्वी राजमार्ग तथा चितवन और रुकुम वेस्ट में जाजरकोट-डोल्पा सड़क खंड को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी यातायात रोक दिया गया है।

प्रमुख खबरें

11 छात्राओं के आरोप और FIR के बाद Congress MP Bimol Akoijam को Delhi Police का समन

Bengaluru Police कमिश्नर दफ्तर पहुंचे HD Kumaraswamy, Priyank Kharge पर साधा सीधा निशाना

Crime पर हमारी Zero Tolerance नीति, Ankita Case में बोले CM Dhami, Politics कर रही Congress

1601 करोड़ के फंड डायवर्जन केस में Nayan Raheja को झटका, PMLA के तहत अग्रिम जमानत खारिज