By Ankit Jaiswal | Oct 27, 2026
लार्सन एंड टुब्रो ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में 5,202 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 33% अधिक है। कंपनी की कमाई में बढ़ोतरी के पीछे अलग-अलग कारोबार में तेजी और बड़ी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की दिशा में हुई प्रगति अहम रही है।
इस तिमाही में कंपनी को नए काम के रिकॉर्ड स्तर के ऑर्डर भी मिले। एलएंडटी ने कुल 1,47,665 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर हासिल किए, जो पिछले साल की समान अवधि से 28% ज्यादा हैं। ये ऑर्डर मुख्य रूप से तेल और गैस से जुड़ी समुद्री और जमीन पर चलने वाली परियोजनाओं, कार्बन उत्सर्जन कम करने वाली तकनीक, सार्वजनिक स्थानों, हवाई अड्डों और बिजली पारेषण एवं वितरण के कारोबार से मिले हैं।
कंपनी के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार भी अहम बना हुआ है। तिमाही के दौरान विदेशों से 92,375 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले, जो कुल नए ऑर्डर का 63% हिस्सा हैं। इससे पता चलता है कि कंपनी की परियोजनाओं और सेवाओं की मांग भारत के साथ दूसरे देशों में भी बनी हुई है।
एलएंडटी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक एसएन सुब्रह्मण्यन ने कहा कि दुनिया में बदलते भू-राजनीतिक हालात के बावजूद कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन किया है। उनके मुताबिक, बड़े और जटिल काम हासिल करने में ग्राहकों का भरोसा और परियोजनाओं को बेहतर तरीके से पूरा करने की क्षमता अहम रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी नई तकनीक, डिजिटल सुविधाओं और तकनीक पर आधारित कारोबार में निवेश जारी रखेगी, ताकि आगे भी विकास की रफ्तार बनी रहे और निवेशकों समेत सभी हितधारकों को लंबे समय में फायदा मिल सके।
गौरतलब है कि 30 सितंबर 2026 तक कंपनी के पास कुल 8,53,514 करोड़ रुपये के काम का ऑर्डर बुक था। मार्च 2026 के मुकाबले इसमें 15% की बढ़ोतरी हुई है। ऑर्डर बुक का मतलब उन परियोजनाओं और कामों से है, जिनके लिए कंपनी को ठेका मिल चुका है, लेकिन जिनका पूरा काम अभी बाकी है। कुल ऑर्डर बुक में अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं की हिस्सेदारी 54% रही। कंपनी के अनुसार, यह रिकॉर्ड स्तर का ऑर्डर बुक आने वाले कई वर्षों तक काम और राजस्व मिलने की अच्छी संभावना दिखाता है।
कंपनी ने अपने शेयर बाजार संबंधी दस्तावेज में कहा कि वैश्विक व्यापार तनाव, भू-राजनीतिक संघर्ष और ऊर्जा की ऊंची कीमतों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था के बुनियादी हालात मजबूत बने हुए हैं। हालांकि, खाद्य पदार्थों की कीमतों में उतार-चढ़ाव, ऊर्जा की महंगाई और मौसम से जुड़ी समस्याओं के कारण मुद्रास्फीति अब भी चिंता का विषय है। वैश्विक अनिश्चितताओं और जलवायु संबंधी जोखिमों का असर कच्चे माल की कीमतों और आपूर्ति पर भी पड़ रहा है।
शेयर बाजार में 27 अक्टूबर को एलएंडटी का शेयर 0.4% गिरकर 3,665.1 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी ने अपने नतीजे बाजार बंद होने के बाद जारी किए। मजबूत मुनाफे, नए ऑर्डर और बढ़ते ऑर्डर बुक के बीच अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में परियोजनाओं को कितनी तेजी से पूरा कर पाती है और अपनी विकास की रफ्तार किस तरह बनाए रखती है।