By अभिनय आकाश | Jul 29, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्की को F35 लड़ाकू विमान बेचने के मुद्दे पर बड़ा बयान देते हुए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की आपत्ति को खारिज कर दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों को कौन से हथियार भेजेगा इसका फैसला केवल अमेरिका करेगा। कोई दूसरा देश नहीं। ट्रंप का बयान ऐसे समय में आया है जब तुर्की को दोबारा F35 कार्यक्रम में शामिल किए जाने की संभावनाओं पर चर्चा तेज है। एयरफोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा नोबडी टेल्स मी व्हाट वी शुड बी सेलिंग। यानी हमें क्या बेचना है यह कोई हमें नहीं बताएगा। उन्होंने यह भी कहा कि तुर्की अमेरिका का एक महत्वपूर्ण सहयोगी है और दोनों देशों के रणनीतिक संबंध मजबूत बने हुए हैं। ट्रंप ने तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान को अपना मित्र बताते हुए कहा कि उन्होंने क्षेत्रीय मामलों खासतौर पर सीरिया से जुड़े मुद्दों पर अच्छा काम किया है। हालांकि ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि तुर्की और इजराइल के रिश्ते फिलहाल अच्छे नहीं है।
इसके अलावा गजा युद्ध के बाद तुर्की और इजराइल के संबंध लगातार तनावपूर्ण रहे हैं। राष्ट्रपति अर्दवान ने कई बार इजराइल की सैन्य कारवाही की खुलकर आलोचना की है और फिलिस्तीन के समर्थन में कड़े बयान दिए हैं। इसी वजह से इजराइल को आशंका है कि भविष्य में दोनों देशों के रिश्ते और खराब होने पर तुर्की की बढ़ी हुई सैन्य क्षमता उसके लिए नई चुनौती बन सकती है। F35 दुनिया के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों में से गिना जाता है। जिसकी स्टेल्थ तकनीक, अत्याधुनिक सेंसर्स, नेटवर्क केंद्रित युद्ध प्रणाली और लंबी दूरी तक सटीक हमला करने की क्षमता इसे बेहद घातक बनाती है। यही कारण है कि किसी भी देश को इस विमान की बिक्री रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
कुल मिलाकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ ऐलान कर दिया है कि वह तुर्की को F35 जरूर देगा और इसको लेकर अब इजराइल चिंतित है। देखना यह होगा कि अमेरिका और इजराइल इस मामले में कैसे एक दूसरे के साथ तालमेल बिठाते हैं। मिडिल ईस्ट में अमेरिका से किसी भी तरह की डील करना बेवकूफी है क्योंकि वह धोखा ही देता है। यह बात ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामनी बार-बार कहते रहे और अरब मुल्कों को चेताते रहे लेकिन वह नहीं मानते।