By Ankit Jaiswal | Jun 26, 2026
विश्व कप में नीदरलैंड ने एक और प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए ट्यूनीशिया को 3-1 से हराकर ग्रुप एफ में पहला स्थान अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ टीम ने न केवल अंतिम 32 में जगह पक्की की, बल्कि अगले दौर में ब्राजील जैसी मजबूत टीम से संभावित टक्कर से भी बचने में सफलता हासिल की।
मैच की शुरुआत में ही ट्यूनीशिया के लिए सब कुछ गलत होता चला गया। मुकाबले के शुरुआती मिनटों में ही एलियेस स्कीरी ने दबाव में अपनी ही टीम के गोलपोस्ट में गेंद पहुंचा दी। इस आत्मघाती गोल ने नीदरलैंड को शुरुआती बढ़त दिला दी। गौरतलब है कि मौजूदा विश्व कप में यह 12वां आत्मघाती गोल रहा, जिसने इस मामले में एक बड़ा रिकॉर्ड भी बराबर कर दिया।
पहले गोल के बाद नीदरलैंड ने लगातार आक्रामक खेल जारी रखा। कुछ ही देर बाद विर्जिल वान डाइक ने शानदार फ्री किक पर सटीक पास दिया, जिसे ब्रायन ब्रॉबी ने आसानी से गोल में बदलकर टीम की बढ़त दोगुनी कर दी।
हालांकि ट्यूनीशिया ने वापसी की कोशिश की। टीम को कुछ अच्छे मौके भी मिले, लेकिन खिलाड़ी उनका फायदा नहीं उठा सके। दूसरे हाफ में हन्नीबल मेजब्री के कॉर्नर पर हाजेम मस्तूरी ने शानदार हेडर लगाकर गोल किया और मुकाबले को रोमांचक बनाने की कोशिश की।
लेकिन ट्यूनीशिया की उम्मीद ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। नीदरलैंड ने एक और कॉर्नर का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए यान पॉल वान हेके के हेडर की मदद से तीसरा गोल दाग दिया। इसके बाद ट्यूनीशिया के लिए वापसी लगभग नामुमकिन हो गई और अंततः उसे हार का सामना करना पड़ा।
बता दें कि नीदरलैंड के मुख्य कोच रोनाल्ड कोमान ने जीत के बावजूद अपनी टीम को पूरी तरह संतुष्ट नहीं माना। उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए खिलाड़ी जरूरत से ज्यादा सहज हो गए थे, लेकिन अगले मुकाबले में ऐसी गलती की कोई गुंजाइश नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि मोरक्को एक मजबूत और संतुलित टीम है तथा उसके कई खिलाड़ी नीदरलैंड की घरेलू फुटबॉल लीग में खेलते हैं, इसलिए टीम को अगले दौर में और बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
गौरतलब है कि मैच से पहले भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका के कारण स्टेडियम के आसपास प्रशंसकों की गतिविधियों पर कुछ समय के लिए रोक लगानी पड़ी थी। मौसम सामान्य होने के बाद मुकाबला तय समय पर शुरू हुआ और दर्शकों ने पूरे उत्साह के साथ टीम का समर्थन किया।
दूसरी ओर ट्यूनीशिया के नए मुख्य कोच हर्वे रेनार्ड ने हार के बाद स्वीकार किया कि उनकी टीम शुरुआती मिनटों में रक्षापंक्ति में बेहद कमजोर साबित हुई। उन्होंने कहा कि इतनी मजबूत टीम के खिलाफ ऐसी गलतियों की कीमत चुकानी ही पड़ती है।
अब नीदरलैंड पूरे आत्मविश्वास के साथ अंतिम 32 में मोरक्को का सामना करने उतरेगा, जबकि ट्यूनीशिया का विश्व कप अभियान निराशाजनक प्रदर्शन के साथ समाप्त हो गया है।