By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 13, 2021
वाशिंगटन। कैपिटल हिल पर हुए हमले के बाद तमाम सोशल मीडिया मंचों द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के बाद अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पहले कभी इतनी खतरे में नहीं थी। यूएस कैपिटल (अमेरिकी संसद भवन) पर छह जनवरी को ट्रंप समर्थकों द्वारा किए हमले के बाद अपने पहले भाषण में निवर्तमान राष्ट्रपति ने अपने खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही, पिछले सप्ताह हुए हमले और अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन का इस्तेमाल करने के आह्वान (जिसके द्वारा उनके मंत्रिमंडल के सदस्य उन्हें हटा सकते हैं) जैसे तमाम मुद्दों पर बात की।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने हार स्वीकार नहीं की है और वह तीन नवम्बर को हुए चुनाव में धोखाधड़ी के बेबुनियाद दावे लगातार करते रहे हैं। उनके इन दावों के बीच ही, कैपिटल बिल्डिंग (अमेरिकी संसद भवन) में ट्रंप के समर्थकों ने धावा बोला था और हिंसा की थी, जिसमें कैपिटल पुलिस के एक अधिकारी तथा चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद ही उन पर महाभियाग चलाए जाने की मांग भी की गई। ट्रंप ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी ने इस साल को और चुनाव को काफी कठिन बना दिया। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘यह हमारे देश के लिए बेहतर स्थिति में आने का समय है... कानून प्रवर्तन और उससे जुड़े लोगों पर विश्वास रखें।