By अभिनय आकाश | Aug 31, 2019
1 सितंबर 2019 से केंद्रीय बजट के कई प्रावधान लागू होने जा रहे हैं। इनमें कैश में लेन-देन के नियम भी शामिल है। नए नियम के मुताबिक 1 सितंबर 2019 से अगर आपने पूरे कारोबारी साल में 1 करोड़ रुपए से अधिक कैश निकाला तो आपको 2 प्रतिशत टीडीएस (धन के स्रोत पर कर की कटौती) देना होगा। सरकार द्वारा यह कदम कैशलेस इकॉनमी को बढ़ावा देने और बड़े नकद लेनदेन को रोकने के लिए उठाया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में यह प्रस्ताव किया था।
इसके अलावा 1 सितंबर से अगर कोई व्यक्ति या हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) किसी ठेकेदार अथवा प्रोफेशनल व्यक्ति को साल भर में किसी सेवा के लिए 50 लाख का भुगतान करता है तो उसे 5 प्रतिशत टीडीएस देना होगा। यह उन लोगों पर असर डालेगा, जो घर बनवाते समय या फिर शादी के लिए किसी एक व्यक्ति को ही सारा भुगतान करते हैं।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस बारे में बयान जारी किया है। उसका कहना है कि चालू कारोबारी साल में 31 अगस्त 2019 तक जिन लोगों ने पहले ही 1 करोड़ रुपए कैश निकाल लिए हैं, उनसे कोई TDS नहीं वसूला जाएगा। लेकिन इसके बाद के सभी बड़े लेन-देन पर 2 प्रतिशत टीडीएस लगेगा।