By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 18, 2026
देश में पर्यावरण अनुकूल विमान ईंधन (एसएएफ) के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच दूसरे एसएएफ सम्मेलन में उद्योग जगत से जुड़े लोगों, विशेषज्ञों समेत 25 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। सम्मेलन के आयोजक गैर-लाभकारी संगठन एसएएफ एसोसिएशन की ओर से मंगलवार को जारी बयान के अनुसार, 28-29 सितंबर को यहां आयोजित बैठक में 1,000 से अधिक प्रतिनिधियों, 100 से अधिक वैश्विक वक्ताओं तथा विमानन, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, निवेश और वित्त क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। बयान के अनुसार, ‘इंडिया एसएएफ सम्मेलन, 2026’ भारत के उभरते पर्यावरण अनुकूल विमान ईंधन परिवेश को वैश्विक और दक्षिण एशियाई बाजारों से जोड़ने वाला एक प्रमुख मंच होगा।
सम्मेलन में पर्यावरण अनुकूल ईंधन के मानक एवं प्रमाणन, टिकाऊ कच्चा माल, प्रौद्योगिकी, परियोजना वित्तपोषण, आपूर्ति श्रृंखला और बड़े पैमाने पर उत्पादन जैसे विषयों पर चर्चा होगी। अंतरराष्ट्रीय क्षमता निर्माण और प्रौद्योगिकी कार्यक्रम में वैश्विक विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। इसके अलावा मंत्रिस्तरीय सत्र, प्रौद्योगिकी सम्मेलन, निवेशक एवं खरीदार मंच कारोबारी एवं सरकारी स्तर की बैठकों के साथ प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि टिकाऊ विमानन ईंधन इस्तेमाल किए गए खाना पकाने के तेल, पशु वसा, कृषि अवशेष और कैप्चर की गई कार्बन डाइऑक्साइड जैसे नवीकरणीय स्रोतों तथा अपशिष्ट पदार्थों से बनाया जाता है। विमानन क्षेत्र का वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में 2.5 प्रतिशत योगदान है। ऐसे में पर्यावरण अनुकूल विमान ईंधन के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।
साथ ही एसएएफ उत्पादन के विस्तार से किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलने की संभावना है। एक अनुमान के मुताबिक, एसएएफ के लिए आवश्यक कच्चे माल के उत्पादन से किसानों की आय में प्रति हेक्टेयर 15,000 से 29,000 रुपये तक की अतिरिक्त आमदनी हो सकती है।