नए साल में संकल्प (व्यंग्य)

By संतोष उत्सुक | Jan 05, 2026

हमारे पास अभी काफी समय बाकी है। नए साल के लिए ज़रूरी संकल्प लेने में कई घंटे बाक़ी हैं। संकल्प लेने में दो चार मिनट ही लगते हैं और यह भी ज़रूरी नहीं कि संकल्प नया साल शुरू होने से पहले यानी इक्कतीस दिसंबर की रात बारह बजे से पहले लेना ही है। नए साल की पन्द्रह जनवरी तक ले सकते हैं मनचाहा संकल्प। हम तो लेट लतीफ़ हैं। क्या फर्क पड़ता है अगर दो चार दिन या सप्ताह देर हो गई। सब कहते हैं कि संकल्प ऐसा लेना चाहिए जो टूटे नहीं लेकिन लचीले वक़्त की नजाकत को देखते हुए, ऐसा संकल्प लेना चाहिए जो टूट सके, तोडा मरोड़ा जा सके। 

इसे भी पढ़ें: बड़े लोगों की बातें (व्यंग्य)

संभावित लक्ष्य के प्रति ज़्यादा संजीदगी दिखाने की ज़रूरत नहीं। ऐसा करने से ज़िंदगी के दूसरे काम छूट जाते हैं। संकल्प समाज के लिए लेने चाहिए। उससे अन्य लोगों का जुड़ना आसान हो जाता है। संकल्प कभी एक नहीं लेना चाहिए, कम से कम छ तो लेने ही चाहिएं ताकि बाद में चुनकर एक रख लें और बाक़ी छोड़ सकें। बड़ा संकल्प लेने से सोच को भी फैलाव मिलता है। बड़ा सोचना अच्छा लगता है। लिया गया संकल्प पूरा हो सके इसके लिए एक समूह बना लें। अपने यार दोस्तों को साथ जोड़ें। सबसे पहले बैठक का स्थान निश्चित करें । बातचीत के दौरान खानपान का खर्च बारी बारी करें ताकि किसी एक को आर्थिक बोझ महसूस न हो। कोई यह कहे कि आपने बड़ा ज़बर्दस्त संकल्प लिया है तो वह संकल्प उसे उपहार में दे दें। इस बहाने नए साल के दौरान संकल्प संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। आपको भी अच्छा लगेगा कि कोई दूसरा आपका संकल्प पूरा करने को तैयार है। समय समय पर उन मित्र से जान सकते हैं कि उस संकल्प की प्रगति का क्या रहा। 

  

अगर संकल्प का आधार काफी बैठकों के बाद भी स्पष्ट नहीं हो रहा तो परेशान महसूस न करें। किसी और से माफी न मांग कर खुद से चुपचाप माफी मांग लें और दूसरा संकल्प ले लें। फिर से संकल्प लेकर मज़ा न आ रहा हो, रोज़मर्रा यानी निजी, पारिवारिक, व्यावसायिक, राजनीतिक, धार्मिक या आर्थिक कामों में रूकावट महसूस हो रही हो तो एक संकल्प मन ही मन लें कि पहले लिया गया संकल्प निरस्त करता हूं। अपने आप से कहें, एक संकल्प हमेशा के लिए लेता हूं कि ज़िंदगी भर कोई संकल्प नहीं लूंगा। ऐसा करने के बाद भी सार्वजनिक रूप से कहते रहें कि मैंने इस साल ख़ास संकल्प लिए हैं जो मैं सार्वजनिक रूप से बता नहीं सकता। समय आने पर उनका असर दिखेगा। इससे दूसरों को आपके संकल्पों बारे उत्सुकता बनी रहेगी । आपको भी अहसास होगा कि संकल्प लेने से कहीं अच्छा है संकल्प न लेना।

- संतोष उत्सुक

प्रमुख खबरें

Jemimah Rodrigues की चोट ने बढ़ाई India की चिंता, Asia Cup में खेलना संदिग्ध!

Murshidabad के सांसदों ने West Bengal CM से मुलाकात की, Loudspeaker हटाने पर जताई चिंता

Yogi Adityanath ने Meerut में कांवड़ियों पर की पुष्प वर्षा, सुरक्षा बनाए रखने के निर्देश दिए

Kerala में Vande Mataram का पूरा संस्करण गाने के आदेश का विरोध, विजयन बोले- RSS एजेंडा