By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 24, 2026
राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने फरीदाबाद के बड़खल में 25 एकड़ वन भूमि पर कथित अवैध खनन को लेकर हरियाणा सरकार और अन्य से जवाब मांगा है। एनजीटी ने इससे पहले संरक्षित क्षेत्र में कथित अवैध खनन से जुड़ी अखबार की एक खबर पर स्वतः संज्ञान लिया था। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने 16 सितंबर के एक आदेश में कहा कि यह खबर अरावली में जारी अवैध खनन गतिविधियों से संबंधित है।
उसने यह भी कहा कि उक्त स्थान महत्वपूर्ण है क्योंकि 2002 में सूखने के बाद से बड़खल झील का पुनरुद्धार किया जा रहा है। पीठ ने कहा कि यह खबर पर्यावरण मानदंडों के अनुपालन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाती है। ट्रिब्यूनल ने अपने मुख्य सचिव के माध्यम से हरियाणा सरकार, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में वन महानिरीक्षक को प्रतिवादी या पक्षकार के रूप में शामिल किया है।
ट्रिब्यूनल ने कहा, उक्त प्रतिवादियों को मामले में अगली सुनवाई (1 दिसंबर) से कम से कम एक सप्ताह पहले ट्रिब्यूनल के समक्ष हलफनामे के माध्यम से अपना जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस जारी करें।