By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 07, 2026
नयी दिल्ली, सात अगस्त राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने शुक्रवार को कहा कि उसने मध्यप्रदेश सरकार को उन खबरों के सिलसिले में एक नोटिस जारी किया है, जिनमें दावा किया गया है कि विदिशा जिले में कई विद्यार्थी स्कूल पहुंचने के लिए बेतवा नदी पार करते समय अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। आयोग ने एक बयान में कहा है कि उसने विदिशा जिले में स्कूल जाने के लिए बेतवा नदी पार करते समय ‘चेक डैम’ के खंभों पर कूदकर अपनी जान जोखिम में डालने वाले स्कूली विद्यार्थियों के बारे में मीडिया में आई एक खबर का स्वतः संज्ञान लिया है। एनएचआरसी ने कहा कि अगर यह खबर सच है, तो यह मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला है।
इसके अलावा, आयोग ने उल्लेख किया कि उच्चतम न्यायालय ने अविनाश मेहरोत्रा बनाम भारत संघ (2009) मामले में यह माना है कि शिक्षा के अधिकार में सुरक्षित स्कूल और सुरक्षित अवसंरचना का अधिकार भी शामिल है। आयोग ने कहा कि बच्चों के स्कूल पहुंचने के लिए सुरक्षित परिवहन का न होना ‘‘गरिमापूर्ण तरीके से शिक्षा पाने के उनके मूल अधिकार का उल्लंघन है।’’ इसी के तहत, आयोग ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में इस पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। बयान में कहा गया है कि चार अगस्त को मीडिया में आई एक खबर के अनुसार, खुले हुए ‘चेक डैम’ के खंभों के बीच बने चौड़े अंतराल को बच्चों के खतरनाक तरीके से कूदकर पार करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
बताया जाता है कि एक छात्रा अपनी वार्षिक परीक्षा में अनुतीर्ण हो गई, क्योंकि वह स्कूल नहीं जा सकी थी। छोटे कद की वजह से वह खंभों को पार नहीं कर सकी थी। जिला शिक्षा अधिकारी ने उक्त स्थान का दौरा किया और कलेक्टर को इस समस्या के बारे में बताया।
हालांकि, आयोग ने कहा कि नदी पार करने के लिए सुरक्षित रास्ता बनाने की समय-सीमा के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।