By रेनू तिवारी | Mar 23, 2026
दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास हुए बम धमाके की जांच कर रही राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने सोमवार सुबह जम्मू-कश्मीर में बड़ी कार्रवाई की। जांच टीम ने उत्तरी कश्मीर के हंदवाड़ा (कुपवाड़ा जिला) के गुलूरा इलाके में एक स्थानीय कारोबारी के आवास पर छापेमारी की। यह कार्रवाई आतंकी नेटवर्क और हथियारों की सप्लाई चेन को ध्वस्त करने के उद्देश्य से की गई है।
सोमवार तड़के शुरू हुई इस छापेमारी में NIA के अधिकारियों ने कारोबारी के घर की बारीकी से तलाशी ली। सूत्रों के अनुसार, टीम डिजिटल उपकरणों, संदिग्ध दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड की जांच कर रही है। समाचार लिखे जाने तक तलाशी अभियान जारी था।
इस बीच, दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट स्थित विशेष NIA अदालत ने मामले के सात प्रमुख आरोपियों की न्यायिक हिरासत अगले 15 दिनों के लिए बढ़ा दी है। डॉ. शाहीन सईद, मुफ़्ती इरफ़ान, डॉ. अदील अहमद, जासिर बिलाल वानी, डॉ. मुज़म्मिल, यासिर अहमद डार और नासिर बिलाल मल्ला। विशेष न्यायाधीश पीतांबर दत्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी के बाद यह आदेश दिया।
उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए अदालत के सामने पेश किया गया, जिसके बाद विशेष न्यायाधीश (NIA) पीतांबर दत्त ने आरोपियों की न्यायिक हिरासत अगले 15 दिनों के लिए बढ़ा दी। 11 मार्च को सुनवाई की पिछली तारीख पर, NIA ने अदालत को बताया कि जम्मू-कश्मीर में अयातुल्ला अली खामेनेई के समर्थन में हुए विरोध प्रदर्शन के कारण मामले की जांच में रुकावट आई थी।
दो आरोपियों, तुफ़ैल अहमद भट और ज़मीर अहमद अहंगर को पांच दिनों के लिए NIA की हिरासत में रखा गया था। अदालत पहले ही जांच की अवधि 45 दिनों के लिए बढ़ा चुकी है।
जम्मू-कश्मीर के इन दोनों निवासियों को कथित तौर पर आतंकी संगठन 'अंसार ग़ज़वत-उल-हिंद' (AGH) से जुड़े होने और मुख्य आरोपी को "हथियार सप्लाई करने" के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। एक बयान में, NIA ने कहा कि दोनों आरोपी - गांदरबल के ज़मीर अहमद अहंगर और श्रीनगर के तुफ़ैल अहमद भट - AGH के सक्रिय 'ओवर-ग्राउंड वर्कर' (OGW) हैं, जिसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तारियों की कुल संख्या बढ़कर 11 हो गई है।
11 नवंबर, 2025 को लाल किले के पास एक कार में ज़ोरदार धमाका हुआ था।