By रेनू तिवारी | May 06, 2026
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने आईएसआईएस (ISIS) से जुड़ी एक बेहद खतरनाक और सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश किया है। एनआईए ने एक डॉक्टर और उसके दो सहयोगियों के खिलाफ अहमदाबाद की विशेष अदालत में आरोपपत्र (Charge Sheet) दाखिल किया है। इन पर सार्वजनिक स्थानों पर 'जैविक जहर' (Biological Poison) का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर आतंक फैलाने की साजिश रचने का गंभीर आरोप है।
इसमें कहा गया है कि उन्होंने आईएसआईएस के नापाक एजेंडे को अंजाम देने के लिए रिसिन का इस्तेमाल करने की योजना बनाई थी। यह अरंडी के बीजों से प्राप्त एक अत्यंत विषैला पदार्थ है, जिसे रासायनिक हथियार की अनुसूची एक के तहत वर्गीकृत किया गया है। यह मामला मूल रूप से गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) द्वारा दर्ज किया गया था। यह कार्रवाई नवंबर 2025 में डॉ. मोहिउद्दीन की गिरफ्तारी के बाद की गई।
चीन से एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने वाले डॉ. मोहिउद्दीन को एक टोल प्लाज़ा पर उस समय पकड़ा गया था, जब उसकी कार में अवैध हथियार, चार लीटर अरंडी के तेल से भरी एक बोतल और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिली थी। एटीएस की जांच के परिणामस्वरूप, उसी दिन दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया था।
यह मामला मूल रूप से गुजरात एटीएस द्वारा दर्ज किया गया था, जिसे बाद में इसकी गंभीरता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को देखते हुए एनआईए को सौंप दिया गया था। अब दाखिल किए गए इस आरोपपत्र से आरोपियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा और कस गया है।