By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 13, 2022
विश्वभर के प्रमुख देशों के साथ अपने आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के भारत के प्रयासों की कड़ी में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को जापान, सऊदी अरब, नीदरलैंड और दक्षिण कोरिया के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक (डब्ल्यूबी) की सालाना बैठक से इतर हुईं इन द्विपक्षीय बैठकों में सीतारमण ने अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर बात की, दुनिया के सामने खड़ीं प्रमुख आर्थिक चुनौतियों विशेषकर ऊर्जा संकट और मुद्रास्फीति, कर्ज वहनीयता और जलवायु परिवर्तन के बारे में चर्चा की।
इसके अलावा इस वर्ष भारत अपनी आजादी की 75वीं वर्षगांठ भी मना रहा है। वित्त मंत्रालय की ओर से किए गए ट्वीट के मुताबिक सीतारमण ने कहा कि 2023 विश्व मंच पर भारत और जापान के लिए बड़ी जिम्मेदारियां लेकर आया है क्योंकि दोनों देश क्रमशः जी-20 और जी-7 की अध्यक्षता संभाल रहे हैं।दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत आर्थिक सहयोग से संबंधित प्रमुख एजेंडे पर भी चर्चा की। दक्षिण कोरिया के उप प्रधानमंत्री और अर्थव्यवस्था और वित्त मंत्री चू क्यूंग-हो के साथ अपनी बैठक के दौरान, सीतारमण ने अपने समकक्ष को भारत यात्रा के लिए आमंत्रित किया।
सीतारमण ने 2023 में जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों के सम्मेलन की संभावनाओं पर चर्चा की और जी-20 भारत 2023 अध्यक्षता के लिए दक्षिण कोरिया का समर्थन मांगा। उन्होंने क्यूंग-हो को भारत-दक्षिण कोरिया के वित्त मंत्रियों की छठी बैठक के लिए भारत आमंत्रित किया। सऊदी अरब के वित्त राज्यमंत्री मोहम्मद अल जादान के साथ बैठक में सीतारमण ने भारत-सऊदी द्विपक्षीय सहयोग के विषयों समेत विभिन्न आर्थिक एवं वित्तीय मुद्दों पर भी बात की।
नीदरलैंड के वित्त मंत्री सिगरिड कांग और भारत की वित्त मंत्री ने बैठक में वैश्विक सार्वजनिक वस्तुओं, कर्ज वहनीयता एवं जलवायु परिवर्तन के बारे में बात की। भूटान के अपने समकक्ष नामगाय शेरिंग के साथ बातचीत में उन्होंने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के बारे में चर्चा की।