By अंकित सिंह | Sep 15, 2026
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को 'जेन Z' और 'जेन अल्फा' से लीडरशिप की भूमिका निभाने और देश के हितों को सबसे ऊपर रखने को कहा। उन्होंने युवा ग्रेजुएट से कहा कि वे देश से क्या उम्मीद कर सकते हैं, इसके बजाय इस बात पर ध्यान दें कि वे देश के लिए क्या योगदान दे सकते हैं। चेन्नई में डॉ. एम.जी.आर. एजुकेशनल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के 36वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा कि देश युवाओं की आकांक्षाओं को सुनने के लिए तैयार है, लेकिन उन्हें भी अपनी ज़िम्मेदारी निभानी चाहिए और अपने नागरिक कर्तव्यों को पूरा करना चाहिए।
सीतारमण ने राष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता के महत्व को रेखांकित करने के लिए रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व में अशांति जैसे चल रहे संघर्षों का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ने मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिरता बनाए रखी और 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर्ज की; उन्होंने इस मज़बूती का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया। युवा प्रोफेशनल्स के लिए मौकों का ज़िक्र करते हुए सीतारमण ने कहा कि तमिलनाडु एक बड़े इंडस्ट्रियल और टेक्नोलॉजी हब के तौर पर उभरा है। उन्होंने श्रीपेरंबदूर-ओरागदम कॉरिडोर का उदाहरण दिया, जो ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और स्मार्टफोन एक्सपोर्ट का ग्लोबल सेंटर बन गया है।
उन्होंने बताया कि तमिलनाडु में लगभग 350 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) हैं, जो देश के कुल GCC का लगभग 10 प्रतिशत है। अकेले कोयंबटूर में ही करीब 80 GCC हैं, जिनमें 12,000 प्रोफेशनल्स काम करते हैं, जबकि मदुरै और तिरुचिरापल्ली में भी ऐसे क्लस्टर्स तेज़ी से बढ़ रहे हैं।