By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 13, 2026
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कर्मचारियों के संगठन नाइट्स ने विप्रो कंपनी में भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित 200 से अधिक छात्रों और युवा इंजीनियरों को नौकरी (जॉइनिंग) देने में देरी किए जाने का आरोप लगाते हुए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में शिकायत दर्ज कराई है। नासेंट इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एम्प्लॉइज सीनेट (नाइट्स) ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया को लिखे पत्र में कहा कि ‘एलीट हायरिंग 2025’ प्रक्रिया में देरी से प्रभावित छात्रों और युवा इंजीनियरों को गंभीर वित्तीय, पेशेवर और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने मंत्रालय से इस मामले को विप्रो से तत्काल उठाने और प्रभावित उम्मीदवारों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
कर्मचारी संगठन ने कहा कि प्रभावित छात्रों और युवा इंजीनियरों ने फरवरी, 2025 में विप्रो की कैंपस भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लिया था और वे तकनीकी एवं कॉल आकलन में सफल रहे। साक्षात्कार में चयन के बाद उन्हें जुलाई, 2025 में ऑफर लेटर और अगस्त, 2025 में आशय पत्र मिले, जिन्हें उन्होंने तय समयसीमा में स्वीकार कर लिया। नाइट्स ने कहा कि दिसंबर, 2025 में उम्मीदवारों ने अपनी रुचि की फिर से पुष्टि की।
मार्च, 2026 में उन्होंने कोडिलिटी तकनीकी आकलन में हिस्सा लिया और उसे सफलतापूर्वक पूरा किया। उसी महीने उन्हें इसकी आधिकारिक पुष्टि भी मिली। उम्मीदवारों ने 26 मार्च, 2026 को पृष्ठभूमि सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर ली थी।
इसमें उसी दिन पते के सत्यापन से जुड़ी समस्या का समाधान भी किया गया था। नाइट्स ने पत्र में कहा, ‘‘विप्रो की ओर से बताई गई सभी शर्तें पूरी करने के बावजूद इन छात्रों और युवा इंजीनियरों को अब तक नौकरी से जुड़ने की निश्चित तारीख नहीं मिली है।’’ संगठन ने कहा कि प्रभावित उम्मीदवारों ने पिछले कई महीनों में विप्रो के मानव संसाधन विभाग, सहायता केंद्रों और अन्य संबंधित माध्यमों से बार-बार संपर्क किया, लेकिन उनका कहना है कि उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिला।