नीति आयोग के सीइ्रओ ने राहत उपायों में मदद के लिये गैर-सरकारी संगठनों को पत्र लिखा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 05, 2020

नयी दिल्ली, नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ने 92 हजार से अधिक गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को पत्र लिखकर उनसे कोरोना वायरस की दृष्टि से ‘संवेदनशील इलाकों’ की पहचान करने और वंचित समूह तक सेवाओं को पहुंचाने में सरकार की मदद करने की अपील की है। कांत निजी क्षेत्र के एनजीओ और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ समन्वय के लिये गठित अधिकार प्राप्त समूह की अगुवाई कर रहे हैं। एक आधिकारिक बयान के अनुसार उन्होंने सभी मुख्य सचिवों को भी पत्र लिखकर जिला स्तर पर स्थानीय प्रशासन को एनजीओ तथा नागरिक समाज संगठनों (सीएसओ) द्वारा उपलब्ध भौतिक तथा मानवीय संसाधनों का उपयोग करने का निर्देश देने का आग्रह किया है।

सरकार ने 29 मार्च को 11 अधिकार प्राप्त समह का गठन किया जिसे स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार, कोरोना वायरस महामारी के कारण ‘लॉकडाउन’ से प्रभावित अर्थव्यवथा को पटरी पर लाने और लोगों की समस्याओं का तत्काल समाधान के बारे में सुझाव देने हैं। बयान के अनुसार, ‘‘नीति आयोग के सीईओ ने आयोग के दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत 92 हजार से अधिक एनजीओ/सीएसओ को पत्र लिखकर उनसे हॉटस्पॉट की पहचान, कायकर्ताओं की तैनाती, बुजुर्गो, दिव्यांगों, बच्चों और अन्य वंचित समूह को सेवाएं उपलब्ध कराने में सरकार की मदद करने को कहा गया है। साथ ही उनसे रोकथाम के बारे में लोगोंको जागरूक करने, सामाजिक दूरी के बारे में बताने, बेसहारा लोगों को आश्रय देन और प्रवासी मजदूरों के लिये सामुदायिक रसोई घर स्थापित करने में मदद करने की अपील की है।’’ इसमें कहा गया है कि अधिकार प्राप्त समूह (ई-6) ने 40 से अधिक सीएसओ और एनजीओ के साथ विस्तार से विचार-विमर्श किया।

इसे भी पढ़ें: PF खता धारकों के लिए आधार कार्ड से जुड़ा नया नियम, जानिए क्या करना है?

ये संगठन देश के विभिन्न भागों में और विभिन्न समुदाय के साथ काम करते हैं। बैठक के दौरान नागरिक संगठनों ने कई चुनौतियों को और मसले को उठाया जिसे ईजी6 ने समाधान किया ताकि वे संकट के समय आसानी से क्षेत्र में काम कर सके। बयान के अनुसार अधिकार प्राप्त समूह ने बायो डिजाइन इनोवेशन लैब, एगवा, एमफाइन, माइक्रो गो जैसे स्टार्टअप से भी संपर्क किया। ये स्टार्टअप अनूठे जीवन रक्षक उपकरणों (वेंटिलेटर) के डिजाइन, परीक्षण उपकरण आदि पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा ईजी₨6 ने उद्योग प्रतिनिधियों के साथ जीवन रक्षक उपकरणों, परीक्षण किट, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) के उत्पादन बढ़ाने एवं खरीद समेत अन्य संबंधित मुद्दों के बारे में चर्चा की। अधिकार प्राप्त समूह के अन्य सदस्य डा. विजयराघवन (प्रधान वेज्ञानिक सलाहकार), कमल किशोर (सदस्य एनडीएमए), संदीप मोहन भटनागर (सदस्य सीबीआईसी) और विभिन्न मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी हैं। इस समूह की विभिन्न पक्षों के साथ 30 मार्च से 3 अप्रैल तक छह बैठकें हो चुकी है।

इसे भी देखें:- देश में Lockdown का हो रहा है पालन या उड़ाया जा रहा है मखौल, आप खुद देखिये 

प्रमुख खबरें

F&O Trading में घाटे का डर: SEBI के कड़े नियमों के बाद भी निवेशकों को औसतन ₹1.16 Lakh का भारी Loss

Data Privacy के साथ Meta का नया धमाका, Muse Glimmer AI Model अब सीधे आपके PC पर होगा डाउनलोड और कंट्रोल

ट्रंप मीडिया को $238 Million का भारी घाटा, Bitcoin और Crypto बाजार में गिरावट ने बढ़ाई Donald Trump की टेंशन

Banking Sector में UPI जैसा बदलाव लाएगा AI, कर्ज देने के पुराने तरीके बदलेंगे RBI Governor Sanjay Malhotra