By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 03, 2026
नयी दिल्ली, तीन नवंबर शोध प्रकाशनों के मामले में तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र शीर्ष तीन राज्यों के रूप में उभरे हैं। नीति आयोग के मंगलवार को जारी भारत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (एसएंडटी) ‘स्कोरबोर्ड’ यानी आकलन मंच से यह जानकारी मिली। दाखिल किए गए पेटेंट आवेदनों के मामले में तमिलनाडु पहले स्थान पर रहा।
लाहिड़ी ने कहा कि सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद के सिद्धांत से प्रेरित यह ‘स्कोरबोर्ड’ राज्यों को अपनी ताकत और कमियों की पहचान करने, एक-दूसरे से सीखने तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बेहतर कार्यक्रम और नीतियां बनाने में मदद करेगा। उन्होंने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से इस मंच का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में नीति आयोग के सदस्य (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) अभय करंदीकर ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में ठोस नीतियां बनाने का आधार भरोसेमंद और तुलनात्मक साक्ष्य होने चाहिए।
करंदीकर ने कहा कि शोध और नवोन्मेष से जुड़े आंकड़े अबतक कई अलग-अलग स्रोतों में बिखरे हुए थे, जिससे राज्यों के लिए अपनी स्थिति का आकलन करना मुश्किल होता था। उन्होंने कहा कि यह ‘स्कोरबोर्ड’ शोध परिवेश, प्रकाशनों और पेटेंट से जुड़े आंकड़ों को एक ही ‘डैशबोर्ड’ पर उपलब्ध कराकर इस कमी को दूर करता है। इसमें वर्षों के रुझान भी दिए गए हैं, जिससे राज्य समय के साथ अपनी प्रगति पर नजर रख सकते हैं।
नीति आयोग की इस प्रमुख पहल के तहत विकसित यह ऑनलाइन मंच भारतीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की स्थिति की समग्र तस्वीर प्रस्तुत करता है। इसे साक्ष्य आधारित नीति निर्माण और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के बीच तुलनात्मक आकलन को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव उमेश वी. वाघमारे ने कहा कि यह ‘स्कोरबोर्ड’ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी में राज्यों की स्थिति से जुड़ी महत्वपूर्ण तस्वीर जोड़ता है।
उन्होंने भारत में शोध का दायरा बढ़ाने में राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषदों और राज्य विश्वविद्यालयों की भूमिका का भी जिक्र किया। इस ‘स्कोरबोर्ड’ में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े परिवेश के आंकड़े शामिल हैं। इनमें उच्च शिक्षण संस्थान, अनुसंधान एवं विकास संस्थान, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी से जुड़े नए उद्यम और नवोन्मेष केंद्र शामिल हैं।
इसके साथ ही शोध प्रकाशनों और पेटेंट जैसे वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकी संबंधी परिणामों की जानकारी भी दी गई है।