By अंकित सिंह | Jul 09, 2025
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार सरकार की हालिया नीतिगत घोषणाओं की तीखी आलोचना की और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर झूठे वादों और प्रतीकात्मक उपायों के ज़रिए जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। बिहार कैबिनेट द्वारा महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत नौकरियों में आरक्षण को मंज़ूरी दिए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, किशोर ने दावा किया कि यह कदम पहले के एक फैसले का नया रूप मात्र है।
किशोर ने जनता को नीतीश कुमार द्वारा 2015 में किए गए उस वादे की याद दिलाई, जिसमें बेरोज़गार युवाओं को मासिक बेरोज़गारी भत्ता देने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि 2015 में नीतीश कुमार ने वादा किया था कि जब तक 18 से 35 साल के युवाओं को नौकरी नहीं मिल जाती, उन्हें 1000 रुपये प्रति माह बेरोज़गारी भत्ता दिया जाएगा। किसी भी युवा से पूछिए, उन्हें आज तक एक रुपया भी नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि इस आयोग के गठन से नीतीश कुमार के करीबी मंत्री और अधिकारी अपने परिवार के सदस्यों के लिए नौकरियां सुरक्षित कर लेंगे।