Gig Workers को अब मिलेगी Social Security, Zomato-Swiggy वालों को पूरी करनी होगी 90 दिन की शर्त

By Ankit Jaiswal | May 11, 2026

अब ऑनलाइन डिलीवरी और ऐप आधारित सेवाओं से जुड़े लाखों कर्मचारियों के लिए काम करने के नियम बदलने वाले हैं। केंद्र सरकार ने सामाजिक सुरक्षा संहिता के तहत गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को मिलने वाले सामाजिक सुरक्षा लाभों के लिए अंतिम नियमों की रूपरेखा तैयार कर दी हैं। इन नियमों के लागू होने के बाद स्विगी, जोमैटो, ओला, उबर और रेपिडो जैसे प्लेटफॉर्म से जुड़े कर्मचारियों को कुछ तय शर्तें पूरी करनी होंगी, तभी उन्हें बीमा और अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर कोई कर्मचारी केवल एक प्लेटफॉर्म से जुड़ा हुआ हैं, जैसे केवल जोमैटो या सिर्फ ओला के साथ काम कर रहा हैं, तो उसे साल में कम से कम 90 दिन काम करना जरूरी होगा। वहीं अगर कोई व्यक्ति एक से अधिक प्लेटफॉर्म पर काम करता हैं, जैसे ओला और उबर दोनों के साथ सक्रिय हैं, तो उसे साल में कम से कम 120 दिन काम करना होगा।

गौरतलब है कि सरकार ने कार्य दिवसों की गणना को लेकर भी स्पष्ट नियम तय किए हैं। अगर कोई गिग वर्कर एक ही दिन में तीन अलग-अलग कंपनियों के लिए काम करता हैं, तो उस दिन को तीन कार्य दिवस के रूप में गिना जाएगा। इससे कई प्लेटफॉर्म पर सक्रिय कर्मचारियों को कुछ राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।

बता दें कि नए नियमों में कंपनियों यानी एग्रीगेटर्स की जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं। सरकार ने कहा हैं कि सभी कंपनियों को अपने गिग वर्कर्स का पूरा विवरण 45 दिनों के भीतर केंद्र सरकार के पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसके अलावा नए कर्मचारियों की भर्ती और काम छोड़ने वालों की जानकारी भी रियल टाइम या दैनिक आधार पर अपडेट करनी होगी।

सरकार के अनुसार प्रत्येक पात्र कर्मचारी को एक विशेष पहचान पत्र भी जारी किया जाएगा, जिससे उसकी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में पहचान सुनिश्चित की जा सके। वहीं अगर कोई कंपनी सामाजिक सुरक्षा फंड में योगदान नहीं देती हैं, तो उस पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा। यह दर प्रति माह 1 प्रतिशत के बराबर होगी।

नियमों में उम्र सीमा भी तय की गई हैं। 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद गिग वर्कर्स को हेल्थ इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस और एक्सीडेंट इंश्योरेंस जैसे लाभ नहीं मिल सकेंगे। इसके अलावा अगर किसी कर्मचारी ने पिछले वित्त वर्ष में न्यूनतम कार्य दिवस पूरे नहीं किए, तो उसकी पात्रता स्वतः समाप्त हो जाएगी।

गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में गिग अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी हैं। लाखों युवा और पार्ट टाइम कर्मचारी ऑनलाइन टैक्सी, फूड डिलीवरी और अन्य ऐप आधारित सेवाओं के जरिए रोजगार से जुड़े हैं। ऐसे में सरकार के ये नए नियम आने वाले समय में इस पूरे क्षेत्र की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं।

केंद्र सरकार ने साफ किया हैं कि ये नियम अब राज्यों के लिए मार्गदर्शक की तरह काम करेंगे। यानी राज्य सरकारें भी इन्हीं नियमों के आधार पर अपने-अपने सामाजिक सुरक्षा कानून और व्यवस्थाएं लागू कर सकेंगी।

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