LJP में फूट के पीछे जदयू का हाथ? चिराग पासवान के आरोप पर नीतीश कुमार ने दिया ये जवाब

By अभिनय आकाश | Jun 22, 2021

लोजपा के भीतर चाचा-भतीजे के बीच पार्टी पर कब्जे को लेकर जंग छिड़ी है और दोनों ही ओर से बयानों के तीर चल रहे हैं। इसके साथ ही लोजपा और पासवान परिवार में पड़ी फूट के लिए जदयू और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का हाथ होने के भी आरोप लगाए जा रहे हैं। लेकिन सारी बातों पर दिल्ली में मौजूद नीतीश कुमार ने दो टूक कहा कि इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है। नीतीश कुमार ने कहा कि लोजपा में मचे घमासान में हम लोगों की कोई भूमिका नहीं है। ये उनका आपस का मामला है। हम पर कोई (चिराग पासवान) इसलिए बोलता है कि पब्लिसिटी मिलती है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इसमे हम लोगों को कोई मतलब नहीं है। हमने इसपर कभी कुछ नहीं बोला है। ये आपस का मामला है।

दिल्ली में उनकी मौजूदगी और प्रधानमंत्री से मुलाकात पर बिहार के सीएम ने कहा कि हम यहां आंख दिखाने के लिए आए हैं यह निजी है। प्रधानमंत्री से मुलाकात की बात नहीं है। उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल और उसमें जद(यू) के किसी नेता को मंत्री बनाए जाने संबंधी अटकलों के बारे में सवाल पूछे जाने पर कुमार ने कहा कि यह पूरी तरह से प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है और इसे लेकर कोई मुद्दा ही नहीं है। नीतीश कुमार ने केंद्रीय मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार से उनके दौरे को जोड़े जाने की खबरों को विशेष तवज्जो नहीं देते हुये कहा कि वह तो यहां अपनी आंखों की जांच करवाने आए हैं।

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गौरतलब है कि लोजपा के पशुपति कुमार पारस की अगुवाई वाले खेमे ने शनिवार को पार्टी से संबद्ध सभी शाखाओं और प्रदेश इकाइयों को भंग कर दिया और नयी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की। यह फैसला दिल्ली में चिराग पासवान के नेतृत्व वाले समूह द्वारा रविवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाये जाने के जवाब में आया है। पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर पारस, सभी चार सांसदों और उनके विश्वासपात्र कुछ पार्टी पदाधिकारियों को भी इसमें शामिल किया गया है। वहीं, चिराग पासवान ने कहा है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी के 90 प्रतिशत से अधिक सदस्य उनके साथ हैं। शाम में चिराग पासवान ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। उन्होंने लोकसभा में पारस को पार्टी का नेता घोषित करने के दूसरे खेमे का दावा स्वीकार करने के बिरला के फैसले के खिलाफ अपना मामला प्रस्तुत किया। चिराग ने दलील दी कि पार्टी का संसदीय बोर्ड ही संसद में अपने नेता के बारे में फैसला कर सकता है।

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चिराग का पीएम मोदी में विश्वास कायम  

अपनी ही पार्टी में चुनौतियों का सामना कर रहे लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के नेता चिराग पासवान ने कहा कि भाजपा के साथ उनके संबंध एकतरफा नहीं रह सकते हैं और यदि उन्हें घेरने का प्रयास जारी रहा तो वह अपने भविष्य के राजनीतिक कदमों को लेकर सभी संभावनाओं पर विचार करेंगे। चिराग ने एक साक्षात्कार में कहा कि उनके पिता रामविलास पासवान और वह हमेशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भाजपा के साथ चट्टान की तरह खड़े रहे, लेकिन जब इन कठिन समय के दौरान उनके हस्तक्षेप की उम्मीद थी, तो भगवा दल साथ नहीं था। चिराग ने रेखांकित किया कि उनका मोदी में विश्वास कायम है। 

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