Prabhasakshi NewsRoom: विपक्षी नेताओं को एक मंच पर लाने वाले Nitish Kumar खुद ही हो गये नाराज, विपक्षी गठबंधन का भविष्य अधर में

By नीरज कुमार दुबे | Jul 19, 2023

बेंगलुरु में विपक्ष ने बड़े जोरशोर के साथ अपने नये गठबंधन को इंडिया नाम देते हुए टैगलाइन दी कि जीतेगा भारत। यही नहीं, नया नामकरण होते ही गठबंधन के नेताओं ने बड़े-बड़े दावे भी कर डाले लेकिन यह एकता एक ही क्षण में तब धराशायी हो गयी जब सभी विपक्षी नेताओं को एक मंच पर जुटाने के लिए मेहनत करने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही नाराज हो गये। नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव जिस तरह बेंगलुरु की बैठक को बीच में छोड़कर पटना वापस चले गये उससे विपक्षी एकता के प्रयासों को बड़ा धक्का लगा है।

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नीतीश कुमार के अलावा राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव व उनके बेटे और बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव विपक्ष के संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में भी शामिल नहीं हुए थे। तीनों नेता एक ही उड़ान से लौटे और बिना पत्रकारों से बातचीत किए पटना हवाई अड्डे से अपने आवास रवाना हो गए। हम आपको यह भी बता दें कि इसी प्रकार, पटना की बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में ‘आम आदमी पार्टी’ शामिल नहीं हुई थी और बाद में दिल्ली की सेवाओं को उप राज्यपाल के अधीन लाने संबंधी केंद्र के अध्यादेश के मुद्दे पर समर्थन का भरोसा नहीं देने को लेकर कांग्रेस की आलोचना की थी। दूसरी ओर, बेंगलुरु में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में नीतीश और लालू की अनुपस्थिति पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा था, ‘‘हमारे कुछ मित्र शामिल नहीं हो रहे हैं क्योंकि उनका लौटने का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम है।'' 

इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने दावा किया है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बेंगलुरु में विपक्ष की बैठक से जल्दी लौट आये क्योंकि वह नये गठबंधन का संयोजक नहीं बनाये जाने से नाराज थे। भाजपा नेता ने दावा किया कि नीतीश कुमार जानबूझकर ‘‘बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में शामिल नहीं हुए’’ क्योंकि वह ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस’ (इंडिया) का ‘संयोजक’ नहीं बनाए जाने से अपमानित महसूस कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि बेंगलुरु में नीतीश विरोधी पोस्टर भी लगाये गए थे जबकि वहां कांग्रेस की सरकार है। सुशील कुमार मोदी ने कहा कि विपक्षी दलों की पटना में हुई बैठक में इसी तरह केजरीवाल नाराज होकर दिल्ली लौट गए थे। उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग चुनाव से पहले मन नहीं मिला पा रहे हैं, न एक चेहरा तय कर पाए, वे देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कोई चुनौती नहीं दे पाएंगे।’’ 

सुशील मोदी ने आरोप लगाया कि‘‘ भ्रष्ट और परिवारवादी विपक्षी दलों के मंच का नाम ‘इंडिया’ रखने से इनकी खोटी नीयत छिपने वाली नहीं है। इनके कुलीन, पश्चिम प्रभावित और हिंदू विरोधी ‘‘इंडिया’’ को करोड़ों गरीबों, पिछड़ों का संस्कृतिनिष्ठ भारत 2024 में मुंहतोड़ जवाब देगा।’’ सुशील मोदी ने दावा किया कि ‘इंडिया’ बनाम ‘भारत’ की मैच में जीत भारत की होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘चारा घोटाला में सजायाफ्ता लालू प्रसाद और चिटफंड घोटाले में लिप्त ममता बनर्जी जैसे दागी लोग जहां जुटे हैं, उस नए मॉल का नाम बदल लेने से खोटा माल खरा सोना नहीं हो जाएगा।’’ 

वहीं, नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने पलटवार करते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को ऐसा व्यक्ति करार दिया जो ‘‘हास्यास्पद बयान देता है और जिसे उनकी पार्टी के भीतर भी गंभीरता से नहीं लिया जाता है।’’ जदयू के वरिष्ठ नेता और राज्य के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सुशील मोदी के बयान को खारिज करते हुए उनपर ‘‘बे सिर-पैर’’ का बयान देने का आरोप लगाया। चौधरी ने कहा, ‘‘सुशील मोदी को उनकी अपनी ही पार्टी में गंभीरता से नहीं लिया जाता है, जैसा कि उन्हें दरकिनार किए जाने से स्पष्ट है।’’

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