By अभिनय आकाश | Sep 05, 2026
भारत और अमेरिका के बीच बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते यानी बीटीए को लेकर भारत ने अपना रुख एक बार फिर साफ कर दिया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील की अंतिम डिटेल्स तभी सार्वजनिक की जाएंगी जब भारतीय उत्पादों को उसके प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर प्रेफरेंशियल टेरिफ रेट मिलेगा। यानी भारत का फोकस सिर्फ ट्रेड डील को जल्द पूरा करने पर नहीं बल्कि ऐसी शर्तों पर समझौता करने पर है जिससे अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान को नुकसान ना पहुंचे। पीयूष गोयल ने कहा कि भारत ने अमेरिका के सामने अपनी प्राथमिकताएं रख दी हैं और जब तक अमेरिका भारतीय उत्पादों के लिए प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले बेहतर टेरिफ देने पर सहमत नहीं होता तब तक समझौते की अंतिम बारीकियों का ऐलान नहीं किया जाएगा।
पीयूष गोयल ने इस दौरान बताया कि अप्रैल से जुलाई की अवधि में पिछले साल भारत का निर्यात करीब $280 अरब डॉलर था। जबकि इस साल यह बढ़कर लगभग $317 अरब डॉलर हो गया। यानी शुरुआती 4 महीनों में ही करीब 37 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार का मकसद साफ है। भारतीय कंपनियों और उत्पादों को ज्यादा से ज्यादा वैश्विक बाजारों में बेहतर टेररिफ के साथ प्रवेश मिले। लेकिन इसके साथ घरेलू किसानों, एमएसएमईस और दूसरे संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की भी सुरक्षा बनी रही। कई देशों के साथ भारत का एफटीए हो चुका है। कई देशों के साथ बातचीत जारी है। अमेरिका के साथ बातचीत इसी संतुलन का सबसे बड़ा टेस्ट है। पीयूष गोयल के बयान से भारत ने संकेत दे दिया कि जल्दबाजी में डील से ज्यादा जरूरी भारत के लिए बेहतर डील है और बेहतर टेरिफ रेट मिलने के बाद ही बीटीए की अंतिम तस्वीर सामने आएगी।