बिना मोदी गाजा पर नहीं होगा फैसला! ट्रंप ने किया इनवाइट, पीस बोर्ड में भारत का रोल क्या रहने वाला है?

By अभिनय आकाश | Jan 19, 2026

मध्य पूर्व में शांति की कोशिशों के बीच अमेरिका की ओर से एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करने के उद्देश्य से गाज़ा बोर्ड ऑफ पीस के गठन का ऐलान किया है। इस ऐतिहासिक मिशन की सबसे बड़ी खबर यह है कि अमेरिका ने भारत को इस बोर्ड का हिस्सा बनने के लिए आधिकारिक न्योता भेजा है। राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से भारत अमेरिकी राजदूत सर्जियो गौर ने प्रधानमंत्री मोदी को संदेश दिया। यह ना केवल भारत की वैश्विक साख को दर्शाता है बल्कि यह भी बताता है कि दुनिया के बड़ेसंघर्षों को सुलझाने में अब भारत की भूमिका कितनी अनिवार्य हो चुकी है। 

इसे भी पढ़ें: Israel ने गाजा में निगरानी की अमेरिका की घोषणा पर आपत्ति जताई

अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। ट्रंप ने गाजा शांति योजना को शानदार और असाधारण योजना बताया है। वहीं, तुर्किये और कतर के शामिल कराने पर इस्राइल ने नाराजगी जताई है। अब सिर्फ गाजा में इस्राइल हमास युद्ध तक यह बोर्ड सीमित नहीं रहने वाला है। यह बोर्ड धीरे-धीरे एक ऐसे वैश्विक मंच के रूप में आकार ले रहा है, जिसका मकसद बड़े संघर्षों को सुलझाना भी हो सकता है। एक्सपर्ट इसे UN के विकल्प के रूप में देख रहे हैं। गाजा में अगले कदमों की निगरानी के लिए बनाए गए एग्जिक्यूटिव बोर्ड में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट के सीईओ मार्क रोवन, ब्रिटेन के पूर्व पीएम टोनी ब्लेयर और विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा शामिल है। बोर्ड ऑफ पीस की औपचारिक घोषणा स्विट्जरलैंड के दावोस में होने वाली वर्ल्ड इकॉनमिक फोरम बैठक के दौरान किए जाने की संभावना है। 

इसे भी पढ़ें: Iran में असली खेल अभी बाकी है या पहली बार CIA-मोसाद का प्लान हुआ फेल!

पाकिस्तान ने कहा- हमें भी पत्र मिला है

जिन अन्य नेताओ को निमंत्रण भेजे जाने की पुष्टि हुई है, उनमे कनाडा के पीएम मार्क कार्नी, इजिप्ट के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी और तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप अर्दआन शामिल है। पाकिस्तान ने कहा कि पीएम शहबाज शरीफ को भी बोर्ड में शामिल होने का पत्र मिला है। इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा को लेकर बने पैनल पर आपत्ति जताने के बाद रविवार को अपनी सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार की बैठक बुलाई। नेतन्याहू कार्यालय ने कहा कि बोर्ड की सरचना इस्त्राइल से परामर्श किए बिना तय की गई है और यह नीति के विपरीत है।

इसे भी पढ़ें: Hamas ने नए फलस्तीनी निकाय के कार्यभार संभालने के बाद गाजा सरकार भंग करने की घोषणा की

29 सितंबर 2025 को मैंने गाज़ा के संघर्ष को खत्म करने के लिए एक पूरी योजना की घोषणा की थी। यह 20 बिंदुओं की योजना है जिसे अरब देशों, इजराइल, यूरोप और दुनिया के कई बड़े नेताओं ने समर्थन दिया। इसके बाद 17 नवंबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी इस योजना के समर्थन में प्रस्ताव पास किया। अब समय आ गया है कि हम इन बातों को सिर्फ सोच तक सीमित ना रखें बल्कि इन्हें सच में लागू करें। इस योजना के तहत शांति बोर्ड बनाया जाएगा जो अब तक का सबसे मजबूत और असरदार अंतरराष्ट्रीय समूह होगा।  

All the updates here:

प्रमुख खबरें

Wall Street पर फिर छंटनी की मार, Morgan Stanley ने 2,500 Employees को दिखाया बाहर का रास्ता

Iran Crisis का असर: Morbi Ceramic उद्योग पर लटकेंगे ताले? Gas Supply ठप होने से मचा हड़कंप।

T20 World Cup 2026 के फाइनल में पहुंचा भारत, अहमदाबाद में न्यूजीलैंड से खिताबी भिड़ंत

दिल्ली में कई दिनों तक फंसी रही Zimbabwe क्रिकेट टीम, ICC ने कराई सुरक्षित वतन वापसी