खाने को नहीं दाने, शहबाज चले चांद पर नया पाकिस्तान बसाने, वहां की जनता भी भड़क उठी- बेवकूफ बनाना बंद करो!

By अभिनय आकाश | Feb 08, 2025

दाने दाने को मोहताज पाकिस्तान वैसे तो अपने मुल्के को चलाने के लिए कभी आईएमएफ तो कभी वर्ल्ड बैंक के पास कटोरा लेकर मदद की भीख लेने चला जाता है। अगर उधर से कुछ खास मदद न मिली तो अपने मुल्क के कई जगहों को चीन के पास गिरवी रखने और उसके एवज में मोटा कर्ज लेने में लग जाता है। आपने वो कहावत तो खूब सुनी होगी कि घर में नहीं दाने, अम्मा चली भुनाने अब इसी को पाकिस्तान सच साबित करने में लगा है। फूटा कटोरा लेकर दुनिया से भीख मांगने वाला पाकिस्तान चांद पर पहुंचने का सपना देख रहा है।शहबाज चांद पर नया पाकिस्तान बसाने का ख्वाब देख रहे हैं। लेकिन पाकिस्तान की जनता को शहबाज के इस मून मिशन पर भरोसा नहीं है।  

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खबर ये है कि पाकिस्तान में चीन की मदद से चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर रोवर भेजने का ऐलान किया है।   पाकिस्तान और चीन ने मिलकर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर रोवर भेजने का ऐलान किया है। इस रोवर को पाकिस्तान की स्पेस एजेंसी सुब्रार्को बना रही है। ये दावा वही कंगाल पाकिस्तान कर रहा है जिसकी जेब में मुल्क का राशन पानी मंगवाने के लिए भी पूरे पैसे नहीं हैं। इसलिए पाकिस्तानी आवाम भी शहबाज का मजाक बना रही है। चांद के सपने देख रहे शहबाज को पाकिस्तानी आवाम कोस रही है। पाकिस्तान में लोगों को मून मिशन नहीं बल्कि रोटी और बिरयानी चाहिए। शहबाज ने हवा हवाई सपना दिखाकर चांद पर जाने की बात की। लेकिन पाकिस्तानियों को अपने पीएम के दावे पर जरा भी भरोसा नहीं है। 

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पाकिस्तान के दावे के मुताबिक शहबाज ने चंद्रमा पर रोवर भेजने के लिए चीन की अंतरिक्ष एजेंसी के साथ समझौता किया है। इस समझौते पर पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने दस्तखत किए हैं।  पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस समझौते के तहत, पाकिस्तान का पहला स्वदेशी रूप से विकसित चंद्र रोवर चीन के चांग-8 मिशन का हिस्सा होगा, जो 2028 में लॉन्च होने वाला है। इसका मतलब है कि पाकिस्तान अपने रोवर को स्वतंत्र रूप से चंद्रमा पर नहीं भेजेगा - इसके बजाय, चीन इसे वहां पहुंचाएगा। 

क्या है चीन का चांग'ई-8 मिशन?

चीन की अंतरिक्ष एजेंसी, सीएनएसए (चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन) ने ऑन-साइट वैज्ञानिक अनुसंधान करने, नई अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों का सत्यापन करने और चंद्र सतह का मानचित्रण करने के लक्ष्य के साथ चांग’ई-8 मिशन को डिजाइन किया है। इस मिशन में पाकिस्तान की भागीदारी को देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम और अंतर्राष्ट्रीय चंद्र अनुसंधान स्टेशन (ILRS) पहल में इसके योगदान के लिए एक प्रमुख मील का पत्थर माना जाता है। हालाँकि पाकिस्तान ने भारत से पहले अपनी अंतरिक्ष एजेंसी (SUPARCO) की स्थापना की, लेकिन उसने अभी तक अंतरिक्ष अन्वेषण में कोई महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल नहीं की है। 

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चांग'ई-8 मिशन में पाकिस्तान की भूमिका

पाकिस्तान का सुपारको चंद्र रोवर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर तैनात किया जाएगा, जो अपने अद्वितीय वातावरण के लिए जाना जाता है। इस क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने के लिए भविष्य के कई अंतरिक्ष मिशनों की भी योजना बनाई गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, SUPARCO वैज्ञानिकों ने एक उन्नत पेलोड विकसित किया है जिसे रोवर के जरिए चंद्रमा पर भेजा जाएगा। इसके अतिरिक्त, मिशन चीनी और यूरोपीय वैज्ञानिकों के बीच अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से डिजाइन किया गया एक वैज्ञानिक पेलोड ले जाएगा। पाकिस्तानी वैज्ञानिकों ने रोवर विकसित करने के लिए चीनी विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम किया, जो चंद्रमा की सतह का गहन विश्लेषण करेगा। 

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