By अनुराग गुप्ता | Aug 31, 2021
कोरोना के बढ़ते मामलों के साथ ही ऑक्सीजन और बेड की भारी कमी हो गई है। हालात इतने ज्यादा बिगड़ गए हैं कि अस्पतालों को अपने रिजर्व से ऑक्सीजन का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
डॉ. एंथनी फाउची ने कहा कि उन्हें इसमें कोई शक नहीं है कि वायरस के बेहद संक्रामक डेल्टा स्वरूप के मद्देनजर, लोगों को फाइजर या मॉडर्ना वैक्सीन की दो डोज लेने के बाद एक अतिरिक्त डोज की जरूरत पड़ेगी।वहीं, हम आपको बता दें कि डेल्टा स्वरूप से संक्रमित लोगों को अस्पताल में भर्ती किए जाने की जरूरत उन लोगों की तुलना में दोगुनी होती है, जो कोरोना वायरस के शुरुआती स्वरूपों से संक्रमित हुए हैं। यह खुलासा एक स्टडी में हुआ है।इडा तूफान ने भी बढ़ाई चिंताकोरोना महामारी के बीच में इडा तूफान ने भी चिंता बढ़ाई हुई है। हालांकि मिसीसिपी पहुंचते समय तूफान कमजोर पड़ गया। इसी बीच बाढ़ में फंसे लोगों के लिए बचाव एवं राहत अभियान को गति मिली और नावों और हेलिकॉप्टर के जरिए उन्हें निकालने का काम जारी है।