Crude Oil की आग से नहीं झुलसेगी Indian Economy? वित्त मंत्री ने Lok Sabha में बताया पूरा गणित

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 09, 2026

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का महंगाई पर खास असर पड़ने की संभावना नहीं है क्योंकि देश में मुद्रास्फीति पहले से ही अपने निचले स्तर के करीब है। सीतारमण ने लोकसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में कहा कि वैश्विक कच्चे तेल और भारतीय बास्केट (अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों का भारांश औसत, जिनकी खरीद भारतीय रिफाइनरी करती हैं) दोनों की कीमतों में पिछले एक वर्ष से लगातार गिरावट का रुख था।

अमेरिका और इजराइल के 28 फरवरी को ईरान पर सैन्य हमले के बाद से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। हमले के जवाब में ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों के साथ-साथ इजराइल पर भी हमले किए हैं। इस सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक की अक्टूबर, 2025 की मौद्रिक नीति रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया था कि यदि कच्चे तेल की कीमत आधारभूत अनुमानों से 10 प्रतिशत अधिक होती हैं और घरेलू कीमतों पर इसका पूरा प्रभाव पड़ता है, तो मुद्रास्फीति 0.3 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। हालांकि, मुद्रास्फीति पर वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का मध्यम अवधि का प्रभाव कई कारकों पर निर्भर करता है।

इसमें विनिमय दर में उतार-चढ़ाव, वैश्विक मांग और आपूर्ति की स्थिति, मौद्रिक नीति का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाना, सामान्य मुद्रास्फीति की स्थिति और अप्रत्यक्ष प्रभाव की सीमा शामिल हैं। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित औसत खुदरा मुद्रास्फीति 2025-26 (अप्रैल-जनवरी) में घटकर 1.8 प्रतिशत पर रही। जबकि 2024-25 में यह 4.6 प्रतिशत और 2023-24 में 5.4 प्रतिशत थी।

प्रमुख खबरें

G7 Summit 2026 In France | पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच महाबैठक! व्यापार, ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा पर बड़ा कूटनीतिक रोडमैप तैयार

India-Canada Relations Free Trade Agreement | पीएम मोदी और कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी के बीच रक्षा, मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत पूरी

सेंसेक्स-निफ्टी में फिर लौटी रौनक, Sensex 544 अंक मजबूत, Rupee में भी दिखी शानदार बढ़त

Apple का बड़ा फैसला! iPhone 18 Launch के लिए करना होगा लंबा इंतजार, टूटेगी परंपरा