G7 Summit 2026 In France | पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच महाबैठक! व्यापार, ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा पर बड़ा कूटनीतिक रोडमैप तैयार

By रेनू तिवारी | Jun 17, 2026

वैश्विक कूटनीति के केंद्र बने फ्रांस के खूबसूरत शहर एवियन-लेस-बेन्स में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के इतर एक बेहद महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित घटनाक्रम सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक की। लगभग 18 महीनों के लंबे अंतराल के बाद दोनों वैश्विक नेताओं के बीच यह पहली आमने-सामने की मुलाकात थी, जिसने भारत-अमेरिका के रणनीतिक और आर्थिक रिश्तों को एक नई दिशा देने का काम किया है। औपचारिक बातचीत शुरू होने से पहले ही दोनों नेताओं के बीच गजब की गर्मजोशी देखी गई। समिट स्थल से सामने आईं तस्वीरों में पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप को बेहद गर्मजोशी से हाथ मिलाते और अनौपचारिक रूप से बातचीत करते देखा गया, जो दोनों देशों के मजबूत होते निजी और कूटनीतिक संबंधों को बयां करता है।

सूत्रों के मुताबिक, क्षेत्रीय सुरक्षा घटनाक्रम, खासकर पश्चिम एशिया के हालात और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जुड़ी चिंताएं चर्चा में प्रमुखता से शामिल हो सकती हैं। दोनों पक्षों के ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर भी विचार करने की संभावना है।

भारत और अमेरिका लंबे समय की ऊर्जा साझेदारी बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, और बातचीत के दौरान अमेरिका से ऊर्जा आयात एक अहम विषय हो सकता है।

व्यापारिक संबंध भी एजेंडे में शामिल होने की उम्मीद है। सूत्रों ने संकेत दिया है कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच गई है, और समझौते पर काम अगले कुछ हफ्तों में पूरा होने की संभावना है।

इस बैठक से दोनों नेताओं को सहयोग के अहम क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा करने और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का मौका मिलने की उम्मीद है।

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G7 में PM मोदी ने समुद्री यात्रियों की सुरक्षा पर जोर दिया

PM मोदी ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच सभी देशों से समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यह पक्का करने का आह्वान किया कि समुद्री यात्री सुरक्षित रूप से अपना काम कर सकें। मंगलवार को G7 समिट में एक आउटरीच सत्र को संबोधित करते हुए, मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत दुनिया के नेताओं से कहा कि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन की सुरक्षा वैश्विक व्यापार और आर्थिक स्थिरता के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नाविकों को अपनी जान को खतरे में डाले बिना अपने कर्तव्यों का पालन करने में सक्षम होना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री आवाजाही में रुकावट का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के कारण कई भारतीय नागरिकों की जान चली गई है। उनके ये बयान ओमान के तट के पास एक कमर्शियल जहाज़ पर अमेरिकी सेना के हमले में तीन भारतीय क्रू सदस्यों की मौत के कुछ दिनों बाद आए हैं। इस घटना ने भारत में चिंता और गुस्सा पैदा कर दिया है, और संघर्ष वाले इलाकों में काम करने वाले आम समुद्री कर्मचारियों की बेहतर सुरक्षा की मांग बढ़ रही है।

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