By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 18, 2023
वाशिंगटन। इस्लामाबाद द्वारा अस्थिरता पैदा करने का आरोप लगाए जाने के बाद व्हाइट हाउस ने कहा है कि पाकिस्तान में रह रहे या अफगानिस्तान के साथ लगने वाली सीमा पर रह रहे अफगान शरणार्थियों के आतंकवादी कृत्यों में शामिल होने के कोई संकेत नहीं मिले हैं। व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा प्रवक्ता जॉन किर्बी ने यह बात कही। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दो दिन पहले कहा था कि देश में बढ़ते आतंकवादी हमलों के बीच अफगान शरणार्थियों को पाकिस्तान में बसने की अनुमति देना एक गंभीर गलती थी। आसिफ ने कहा था, ‘‘मौजूदा स्थिति ने अफगान शरणार्थियों को प्रदान की गई सुविधाओं के संबंध में चिंताएं बढ़ा दी हैं।’’
किर्बी ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘मेरा मतलब है कि राष्ट्रपति ने स्पष्ट कर दिया है कि हम आतंकवाद विरोधी क्षमता में सुधार को गंभीरता से लेंगे और हम इसका प्रभावी ढंग से उपयोग करेंगे।’’ आसिफ ने शनिवार को कहा था कि इमरान खान के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान काफी गंभीर गलतियां की थीं। उन्होंने कहा था, ‘‘तीन लाख से अधिक लोगों को यहां लाया गया है, जबकि 500,000 अफगान प्रवासी पहले से मौजूद हैं।’’
पाकिस्तानी सेना के शीर्ष अधिकारियों ने सोमवार को तालिबान शासित अफगानिस्तान के परोक्ष संदर्भ में कहा कि ‘पड़ोसी देश’ में प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के आतंकवादियों को पनाहगाह और नए-नए हथियार उपलब्ध कराना आतंकवादी हमलों में वृद्धि के कारणों में से एक हैं। उन्होंने पड़ोसी देश का नाम नहीं लिया। पिछले हफ्ते पाकिस्तान ने पड़ोसी देश अफगानिस्तान पर अपनी धरती पर प्रतिबंधित टीटीपी को पनाह देने का आरोप लगाया था।