By रेनू तिवारी | Apr 23, 2026
दक्षिण भारतीय राजनीति के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र, तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के लिए बृहस्पतिवार सुबह सात बजे मतदान की प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई। राज्य भर के 75,064 मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं का उत्साह चरम पर है और केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। इस बार का चुनाव न केवल पारंपरिक द्रविड़ प्रतिद्वंद्वियों के बीच की जंग है, बल्कि राज्य में एक नए राजनीतिक उदय की परीक्षा भी है। इस चुनावी मुकाबले में सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (एसपीए) की प्रमुख पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सत्ता बरकरार रखने की कोशिश कर रही है और कांग्रेस, वामपंथी दलों और वीसीके सहित बहुदलीय गठबंधन का नेतृत्व कर रही है।
दूसरी ओर अन्नाद्रमुक अपने सहयोगी दलों भाजपा, एएमएमके और पीएमके के साथ सत्ता में वापसी के लिए प्रयासरत है। अभिनेता विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके), द्रमुक और अन्नाद्रमुक द्वारा राज्य में बारी-बारी से शासन करने की दशकों पुरानी परंपरा को तोड़ने और अपनी सरकार बनाने का प्रयास कर रही है। तमिलनाडु के मतदाताओं की संख्या 5.73 करोड़ है और वे 33,133 स्थानों पर स्थित 75,064 मतदान केंद्रों पर 4,023 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करने के लिए मतदान करेंगे।
कुल मतदाताओं में 2.93 करोड़ महिलाएं, 2.83 करोड़ पुरुष और 7,728 ट्रांस जेंडर शामिल हैं। चुनाव आयोग ने 1,06,418 मतदान इकाइयों के साथ-साथ 75,064 नियंत्रण इकाइयां और वीवीपीएटी मशीनें तैनात की हैं। चुनाव अधिकारियों ने कहा है कि मतदान में सुगमता के लिए पीने का पानी, शौचालय, हेल्प डेस्क, उचित ढलान वाले रैंप, व्हीलचेयर की सुविधा सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।