By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 29, 2026
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि यात्रियों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है और संशोधित बस बॉडी कोड के तहत अग्निशमन प्रणाली और आपातकालीन निकास के भौतिक और वीडियो निरीक्षण के बिना नई स्लीपर कोच बसों का पंजीकरण नहीं किया जाएगा। बसों में आग लगने की बढ़ती दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने हाल ही में निर्णय लिया है कि स्लीपर कोच बसों का निर्माण केवल वाहन कंपनियों या केंद्र द्वारा मान्यता प्राप्त संयंत्रों द्वारा ही किया जाएगा।
अग्निशमन प्रणाली, हथौड़े वाले आपातकालीन निकास और आपातकालीन रोशनी के भौतिक और वीडियो निरीक्षण के बिना नई स्लीपर कोच बसों का पंजीकरण नहीं होगा। भारत का बस बॉडी कोड एआईएस-052 है, जो एक अनिवार्य मानक है। यह देश में बने सभी बस बॉडी के लिए सुरक्षा, संरचनात्मक और डिजाइन आवश्यकताओं को तय करता है।