By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 14, 2023
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि कावेरी जल मुद्दे पर तमिलनाडु को ‘इतनी जल्दी’ उच्चतम न्यायालय जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि राज्य उपलब्धता, पेयजल जरूरतों और किसानों की भावनाओं पर विचार करने के बाद पानी छोड़ने के लिए तैयार है। शिवकुमार जल संसाधन के प्रभारी मंत्री भी हैं। उन्होंने कहा कि वह अदालत में राज्य के कदम के संबंध में राज्य के अधिवक्ताओं और कानूनी विशेषज्ञों से चर्चा करेंगे। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘केआरएस (कृष्णा राजा सागर) और कावेरी नदी के आसपास की भूमि के अन्य बांधों में बारिश और प्रवाह की स्थिति रिकॉर्ड में है।
इसलिए मैं यह नहीं समझ पा रहा हूं कि तमिलनाडु इतनी तत्परता क्यों दिखा रहा है।’’ तमिलनाडु सरकार ने शुक्रवार को कहा था कि कावेरी जल पाने के लिए उनके पास उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है। उन्होंने दावा किया था कि कर्नाटक ने अपनी बात से पलटते हुए केवल आठ हजार क्यूसेक पानी की कम मात्रा जारी करने की बात कही है।