Instagram पर आपत्तिजनक विज्ञापन बर्दाश्त नहीं, Meta को सरकार का 7 दिन का अल्टीमेटम

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 06, 2026

भारत सरकार ने सोशल मीडिया दिग्गज मेटा को एक कड़ा निर्देश जारी किया है। सरकार ने मेटा से कहा है कि वह अपने प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) को बढ़ावा देने वाले सभी विज्ञापनों को तत्काल प्रभाव से रोके। यह कदम तब उठाया गया है जब ऐसी रिपोर्टें सामने आई हैं कि इंस्टाग्राम पर विज्ञापनों का इस्तेमाल अवैध सामग्री की ओर ले जाने के लिए किया जा रहा है।

मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को ऐसी अवैध गतिविधियों के लिए इस्तेमाल नहीं होने दिया जा सकता। यह निर्देश विशेष रूप से उन विज्ञापनों पर केंद्रित है जो सीधे तौर पर बाल यौन शोषण सामग्री से जुड़े हैं या उपयोगकर्ताओं को ऐसी सामग्री तक पहुंचने के लिए निर्देशित करते हैं।

इंस्टाग्राम पर विज्ञापनों का दुरुपयोग

हाल के दिनों में, यह देखा गया है कि कुछ विज्ञापन प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करके उपयोगकर्ताओं को आपत्तिजनक और अवैध वेबसाइटों या सामग्री की ओर ले जा रहे हैं। विशेष रूप से, बाल यौन शोषण सामग्री से संबंधित विज्ञापनों का पाया जाना एक गंभीर चिंता का विषय है। इंस्टाग्राम, जो दुनिया भर में लाखों उपयोगकर्ताओं द्वारा उपयोग किया जाता है, एक शक्तिशाली विज्ञापन मंच है, और इसके दुरुपयोग के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

सरकार का मानना है कि मेटा जैसी कंपनियों की यह जिम्मेदारी है कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर ऐसी किसी भी सामग्री को प्रदर्शित होने से रोकें जो कानून के विरुद्ध हो या समाज के लिए हानिकारक हो। विशेष रूप से बच्चों को लक्षित करने वाली सामग्री या उन्हें नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए सख्त उपाय किए जाने चाहिए।

क्या हैं बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM)?

बाल यौन शोषण सामग्री (Child Sexual Abuse Material - CSAM) में वे सभी तस्वीरें, वीडियो या अन्य मीडिया शामिल होते हैं जिनमें नाबालिगों का यौन शोषण दर्शाया गया हो। इस तरह की सामग्री का निर्माण, प्रसार और उपभोग दुनिया भर में गैरकानूनी है। यह न केवल बच्चों के लिए अत्यंत हानिकारक है, बल्कि यह एक गंभीर अपराध भी है।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, विशेष रूप से सोशल मीडिया, CSAM के प्रसार के लिए एक माध्यम बन सकते हैं यदि उनमें पर्याप्त सुरक्षा उपाय न हों। विज्ञापन, जो अक्सर उपयोगकर्ताओं को बाहरी लिंक पर ले जाते हैं, इस तरह की सामग्री तक पहुंचने का एक तरीका हो सकते हैं। इसी कारण सरकार ने इस मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

मेटा की जिम्मेदारियां और भविष्य की राह

मेटा, जो फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसी कंपनियों का मालिक है, पर अपने प्लेटफॉर्म को सुरक्षित रखने की एक बड़ी जिम्मेदारी है। कंपनी के पास सामग्री मॉडरेशन के लिए स्वचालित सिस्टम और मानव समीक्षकों की एक टीम है, लेकिन यह स्पष्ट है कि ये सिस्टम अभी भी इन तरह के विज्ञापनों को पकड़ने में विफल हो रहे हैं।

सरकार ने मेटा से यह भी पूछा है कि उनके पास ऐसे विज्ञापनों का पता लगाने और उन्हें हटाने के लिए क्या तकनीक और प्रक्रियाएं हैं। साथ ही, यह भी पूछा गया है कि भविष्य में ऐसे विज्ञापनों को प्रदर्शित होने से रोकने के लिए वे कौन से अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने की योजना बना रहे हैं। सात दिनों की समय सीमा यह दर्शाती है कि सरकार इस मामले को कितनी गंभीरता से ले रही है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सामग्री नियंत्रण की आवश्यकता

यह घटना भारत में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सामग्री के नियंत्रण और विनियमन के व्यापक मुद्दे को भी उजागर करती है। सरकार ने हाल के वर्षों में सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 जैसे नियमों के माध्यम से सोशल मीडिया मध्यस्थों के लिए अधिक जवाबदेही तय की है। इन नियमों का उद्देश्य ऑनलाइन सामग्री को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है।

सरकार का यह कदम दर्शाता है कि वह ऑनलाइन स्पेस में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मेटा को न केवल इस विशेष मामले पर कार्रवाई करनी होगी, बल्कि अपने सभी प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण सामग्री के खिलाफ अपनी नीतियों और प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करना होगा।

मेटा के जवाब का इंतजार रहेगा। यदि कंपनी संतोषजनक जवाब नहीं देती है या उचित कार्रवाई नहीं करती है, तो सरकार आगे और सख्त कदम उठा सकती है। इसमें कानूनी कार्रवाई या प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने जैसे उपाय भी शामिल हो सकते हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मेटा इस गंभीर मुद्दे पर कैसी प्रतिक्रिया देता है और अपने प्लेटफॉर्म को सुरक्षित बनाने के लिए क्या कदम उठाता है।

बच्चों का ऑनलाइन सुरक्षित रहना एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता है, और सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी भूमिका निभा रही है कि सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म इस जिम्मेदारी को गंभीरता से लें।

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