समाज सुधार के बिना विकास का कोई मतलब नहीं है: नीतीश

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 23, 2021

मोतिहारी| बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को मोतिहारी से समाज सुधार अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि समाज सुधार के बिना विकास का कोई मतलब नहीं है।

एक अप्रैल 2016 को हमलोगों ने पहले ग्रामीण इलाके में देशी और विदेशी शराब पर रोक लगायी जबकि शहरी इलाकों में विदेशी शराब बंद नहीं किया गया था। शहरों में पुरुष-महिलाओं,लड़के-लड़कियों ने शराब के आवंटित दुकानों के खोले जाने पर कड़ा विरोध जताया।

उसके बाद पांच अप्रैल 2016 को राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी गई।’’ उन्होंने कहा कि अधिकारियों के साथ वह शराबबंदी के क्रियान्वयन को लेकर नौ बार बैठक कर चुके हैं और अब बड़े पैमाने पर लोगों ने शराब पीना छोड़ दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ जब भी कोई काम कीजिएगा तो कुछ लोग गड़बड़ करने वाले होते ही हैं। कई लोग इधर-उधर करके शराब पी रहे हैं और उन्हें गलत चीजें मिलाकर पिलाये जाने से उनकी मौतें भी हो रही हैं।’’

कुमार ने कहा कि यह समाज सुधार अभियान है जो निरंतर जारी रहेगा तथा हर गांव और शहर में यह चलता रहेगा।

शराब के दुष्परिणामों के आंकडों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा , ‘‘इस आंकड़े सबलोग गौर कीजिए और हमारा आपलोगों से आग्रह है कि इसके बारे में सभी को बताएं। शराबबंदी के लिए निरंतर अभियान चलाते रहने की जरुरत है।’’

उन्होंने कहा , ‘‘ समाज सुधार के बिना विकास का कोई मतलब नहीं है। विकास के साथ समाज सुधार होगा तो समाज, राज्य और देश आगे बढ़ेगा। आपलोगों से उम्मीद करता हूं कि आप अपने गांव, इलाकों में जाकर इस अभियान को चलाईयेगा।’’ समाज सुधार अभियान की शुरुआत करने के पहले मुख्यमंत्री ने समाहरणालय के सामने स्थित बापू की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी।

बाद में समाज सुधार अभियान की समीक्षात्मक बैठक के दौरान पूर्वी और पश्चिमी चंपारण जिलों में इस दिशा में की गई कार्रवाई के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पुलिस तथा मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग द्वारा जब्त की गई शराब को अतिशीघ्र नष्ट करें ताकि उसका कोई दुरुपयोग नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि अधिकारी शराब पीने वाले और शराब का व्यापार करने वालों पर विशेष निगरानी रखें।

उन्होंने निर्देश दिया कि शराब का व्यापार करने वालों को पकड़े जाने पर अविलंब जेल भेजकर सख्त कानूनी कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कम उम्र में बच्चियों की शादी करने वालों पर नजर रखें और इसके लिए आशा आंगनबाड़ी और चौकीदारों का प्रशिक्षण सुनिश्चित करें।

उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायती राज और नगर निकाय से जुड़े लोगों को भी यह जिम्मेवारी सौंपें ताकि बाल विवाह, दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों पर रोक लगायी जा सके।

उन्होंने कहा कि सही मायने में यदि लोग दहेजमुक्त शादी में शामिल होने के लिए संकल्पित हो जाएंगे, तो इसका समाज में काफी गहरा प्रभाव पड़ेगा और यह कुप्रथा समाप्त हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि एस०सी० एस०टी० कानून के तहत दर्ज होने वाले मामलों का निष्पादन ससमय किया जाए।

उन्होंने कहा कि शराबबंदी, बाल विवाह एवं दहेज प्रथा जैसे समाज सुधार की दिशा में जो अभियान चला है, उसका विशेष रुप से ख्याल रखें। शराबबंदी से संबंधित जो भी लंबित मामले हैं उसका शीघ्र निपटारा करें।

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