By अंकित सिंह | Jul 23, 2024
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को केंद्रीय बजट 2024-25 को "राजनीतिक रूप से पक्षपातपूर्ण और गरीब विरोधी" करार दिया और राज्य को "वंचित" करने के लिए केंद्र की आलोचना की। मुख्यमंत्री ने आश्चर्य जताया कि पश्चिम बंगाल ने क्या गलती की है कि उसे केंद्र द्वारा "वंचित" किया गया है। बजट को लेकर ममता ने एक बयान में कहा कि यह दिशाहीन, जनविरोधी, कोई विजन नहीं, सिर्फ राजनीतिक मिशन है। मुझे कोई रोशनी नहीं दिखती, अंधेरा है।
टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि मैं इसे छेड़छाड़ वाला बजट कहता हूं...प्रमुख समस्याएं - 9.2% पर बेरोजगारी और 5% पर मुद्रास्फीति - का बिल्कुल भी समाधान नहीं किया गया है। राज्यों को उनका उचित हिस्सा नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ आंध्र प्रदेश और बिहार को फायदा हुआ। यह बिल्कुल भी अच्छा बजट नहीं है। उन्होंने बुनियादी ढांचे में सब कुछ निवेश किया है, जिसे आकार लेने में काफी समय लगेगा। इसलिए, यह कोई बुद्धिमानी भरा बजट नहीं है।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि पिछले दस सालों में बजट से आम आदमी, किसानों, छात्रों को क्या मिला?...पहले सिर्फ एक राज्य गुजरात के लिए बजट बनता था, अब इसमें दो राज्य और जुड़ गए हैं...पहली बार ,मैंने देखा है कि देश के कल्याण के लिए नहीं बल्कि सरकार बचाने के लिए बजट बनाया गया है।' विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य भाजपा के सहयोगियों और "क्रोनीज़" को खुश करना है। कांग्रेस नेता ने दस्तावेज़ को "कुर्सी बचाओ" बजट बताया और आरोप लगाया कि यह कांग्रेस पार्टी के लोकसभा चुनाव घोषणापत्र से नकल किया गया था।
राहुल ने एक्स पोस्ट पर लिखा कि "कुर्सी बचाओ" बजट। राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘सहयोगियों को खुश करने के लिए अन्य राज्यों की कीमत पर उनसे खोखले वादे किए गए। अपने मित्रों को खुश किया गया, ‘एए’ को लाभ दिया गया, लेकिन आम भारतीय को कोई राहत नहीं दी गई।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कांग्रेस का घोषणापत्र और पिछले कुछ बजट का ‘कॉपी-पेस्ट’ किया गया है।’’