शांति पुरस्कार मेरे अखबार के लिए है, मेरे लिए नहीं : रूसी नोबेल विजेता मुरातोव

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 10, 2021

मॉस्को| ‘नोवाया गजेटा’ अखबार के संपादक दमित्री मुरातोव का कहना है कि उन्हें पता था कि उनका अखबार नोबेल शांति पुरस्कार की दौड़ में अग्रणी दावेदार है क्योंकि उसने लगतार सत्ता, सरकार में भ्रष्टाचार और रूस में मानवाधिकार उल्लंघनों की आलोचना की।

इसे भी पढ़ें: भारत-अमेरिका रक्षा नीति समूह की 16वीं बैठक वाशिंगटन में आयोजित

मुरातोव ने ‘एखो मोस्कवी रेडियो’ से कहा, ‘‘अचानक ओस्लो से एक ही बार कई फोन आए। लेकिन, मिलाशिना से कोई लापरवाह आदमी ही कहेगा रुको, मैं ओस्लो से बात करूंगा और फिर तुम और मैं चर्चा करते रहेंगे।’’ आखिरकार मुरातोव के अखबार के प्रवक्ता ने उन्हें बताया कि उन्होंने फिलीपीन की पत्रकार मारिया रसा के साथ, 2021 का नोबेल शांति पुरस्कार जीता है।

नोबेल शांति पुरस्कार विजेता ने इस बारे में चिंता जताई कि ‘नोवाया गजेटा’ को रूसी कानून के तहत ‘‘विदेशी एजेंट’’ के रूप में नामित किया जा सकता है। यह शब्द उन संगठनों और व्यक्तियों पर लागू होता है जो विदेशी धन प्राप्त करते हैं और अनिर्दिष्ट राजनीतिक गतिविधि में लगे हुए हैं।

‘नोवाया वर्मेया’ समाचार पत्रिका के संपादक येवगेनिया अलबाट्स ने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि मुरतोव को पुरस्कार मिलने से ‘नोवाया गजट’ को विदेशी एजेंट करार देने से परहेज किया जाएगा और एक तरह से रूसी पत्रकारों को भी सुरक्षा मिलेगी, जिन्हें अक्सर विदेशी एजेंट करार दिया जाता है। मुझे उम्मीद है कि इससे रूसी पत्रकारिता को इन कठिन परिस्थितियों में जीवित रहने में मदद मिलेगी।

इसे भी पढ़ें: आईएस ने अफगानिस्तान में मस्जिद पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली

प्रमुख खबरें

Manipur के Kangpokpi में 6 ग्रामीणों की हिरासत पर हिंसक विरोध, बाद में हुए रिहा

Iran में युद्ध और दमन ने आम जनता का जीना दूभर किया, Nobel Laureate Narges Mohammadi का बयान

OpenAI और Google समेत दिग्गज टेक कंपनियों पर AI विकास की गति धीमी करने का मुकदमा

Caribbean Sea में संदिग्ध ड्रग बोट पर US Military का हमला, 4 लोगों की मौत