महिला पुलिस के इश्क में आशिक ने खत्म कर डाला अपना परिवार, पत्नी और दो बच्चों को दी दर्दनाक मौत

By रेनू तिवारी | Sep 06, 2021

जुर्म की दुनिया में ऐसे खुंखार अपराधों को अंजाम दिया जाता है जो आपकी रूह कंपा सकते हैं। अपराध करते हुए इंसान अपना वास्तविक रूप खो देता है और मानो सैतान बन जाता है। एक ऐसे ही खौफनाक जुर्म को 2018 में अंजाम दिया गया था जिसकी सभी परते अब धीरे-धीरे खुल रही है। ग्रेटर नोएडा के एक राकेश नाम का व्यक्ति ताजमहल की सुरक्षा में तैनात एक महिला पुलिस कांस्टेबल के प्यार में इस कदर पागल हो गया कि उसने अपने दो मासूस बच्चों और पत्नी को एक लोहे की रॉड से पीट-पीट कर मार डाला। इस अपराधी की हैवानियत यहीं नहीं ठहरी उसने तीनों को बेरहमी से मारकर शवों को घर के ही बेसमेंट में गाड़ दिया था और ऊपर से पक्का फर्श करवा दिया। इस भयानक अपराध को अंदाम देने के बाद राकेश बेखौफ घूमता रहा। राकेश के ससुराल वालों ने जब अपनी बेटी के बारे में पूछा तो उसने कुछ नहीं बताया और उनकी बेटी पर ही गलत आरोप लगाए। राकेश के ससुराल वालों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवायी। पुलिस को पड़ताल में राकेश पर शक हुआ और उसे हिरासत में ले लिया गया। राकेश के खिलाफ कोई सबूत नहीं था। नोएडा पुलिस पड़ताल करती रही और उसे 1 सितंबर को एक बड़ा खुलासा किया।

1 सितंबर 2021 को नोएडा पुलिस ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना इलाके की पंच विहार कॉलोनी  पहुंची। यहां राकेश का घर था। पुलिस ने पड़ताल के दौरान जिन सबूतो को इकठ्ठा किया था उसके अनुसार घर की खुदाई हुई जिसमे तीन लोगों के कंकाल निकले। राकेश की हैवानियत के अब पूख्ता सबूत सामने आ चुके थे। पुलिस के अनुसार राकेश ने इस वारदात को अंजाम देने के पीछे का कारण बताया कि वह महिला पुलिस के इश्क में थे। वह अपनी पत्नी से छुटकारा चाहता था। 

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परिवार का पक्ष

एक न्यूज चैनल के साथ बातचीत में नोएडा पुलिस पर परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शुरूआत में जब वह अपनी बेटी और उसके बच्चों की हत्या के मामले में शिकायत दर्ज करने पुलिस थाने पहुंचे थे तो उनकी शिकायत किसी ने दर्च नहीं की थी। पुलिसवालों ने उन्हें थाने से धक्केमार कर बाहर निकाल दिया था। पुलिस की इस हरकत के बाद उन्होंने कोर्ट जाने का फैसला किया फिर अदालत के आदेश के बाद पति राकेश, ससुर बनवारीलाल, सास इंद्रावती, दामाद के भाई राजीव कुमार, प्रवेश कुमार और प्रेमिका पुलिस कांस्टेबल रूबी के खिलाफ केस दर्ज तो हुआ, लेकिन फिर भी पुलिस ने मदद नहीं है। फिर कासगंज के वर्तमान एसपी उसके लिए देवदूत बनकर आये, और उन्होंने मेरी बेटी और नातिन-नाती को न्याय दिलाया।

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