By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 20, 2019
चंडीगढ़। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में शुक्रवार को चंडीगढ़ में हुई उत्तर क्षेत्रीय परिषद की बैठक में हरियाणा ने कहा कि पंजाब उसे रावी-ब्यास नदी से पानी का उसका पूरा हिस्सा नहीं दे रहा है, ऐसे में उसके पास दूसरों को देने के लिए पानी नहीं है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उत्तर क्षेत्रीय परिषद की बैठक में अपनी शिकायत दर्ज करायी। यह बैठक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली सहित उत्तरी क्षेत्र के सभी राज्यों के आपसी मतभेदों/विवादों को सुलझाने और उनपर चर्चा करने के लिए बुलायी गयी थी। सतलुज-यमुना लिंक नहर को हरियाणा की जीवन रेखा बताते हुए खट्टर ने कहा कि उनका राज्य पानी की भीषण कमी से जूझ रहा है। राज्य को 3.6 करोड़ एकड़ फुट (एमएएफ) पानी की जरुरत है लेकिन उपलब्धता1.47 करोड़ एमएएफ पानी की है।
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उन्होंने पंजाब और उत्तर क्षेत्र के अन्य राज्यों में नशे/मादक पदार्थों की लत का भी मुद्दा उठाया और इससे निपटने के लिए विस्तृत राष्ट्रीय मादक पदार्थ नीति बनाने की मांग की। सिंह ने उत्तर क्षेत्र में ईंधन पर लगने वाले कर की दरों में भी सुधार की मांग की। बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि बैठक में भाग लेने वाले राज्यों ने अपनी चिंताएं बतायीं और अंतरराज्यीय तथा केन्द्र और राज्य से जुड़े विवादों का समाधान पूछा। उन्होंने बताया कि एनजेडसी की अगली बैठक जयपुर में होगी और वहीं इन चर्चाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। बैठक में जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यापाल मलिक, पंजाब के राज्यपाल और केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनोरे, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने भी हिस्सा लिया।