By अनन्या मिश्रा | Jul 31, 2026
वास्तु शास्त्र में पॉजिटिव एनर्जी में वृद्धि और घर में फैली निगेटिविटी को दूर करने के लिए कई तरह के उपायों के बारे में बताया गया है। इसके अलावा कुछ आदतों की वजह से भी घर में निगेटिव और पॉजिटिव एनर्जी का प्रभाव पड़ता है। ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसी आदतों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनको वास्तु शास्त्र में सूर्यास्त के बाद नहीं करना चाहिए। वहीं कुछ चीजें ऐसी हैं, जिनको शाम के समय खरीदने से बचना चाहिए।
वास्तु के मुताबिक घर की सुख-समृद्धि और शांति के लिए नमक का इस्तेमाल कारगर होता है। नमक भोजन का स्वाद बढ़ने के साथ जीवन में तरक्की के रास्ते खोलता है। भूलकर भी सूर्यास्त के बाद नमक नहीं खरीदना चाहिए। वास्तु शास्त्र के मुताबिक आर्थिक जीवन में कई तरह की बाधाएं आ सकती हैं। बेफिजूल के खर्चों में इजाफा हो सकता है।
धार्मिक शास्त्रों के मुताबिक झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में शाम के समय नई झाड़ू खरीदना अच्छा नहीं माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इससे घर-परिवार में सुख-समृद्धि पर निगेटिव असर होता है। जीवन में धन से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं।
सूर्यास्त के बाद सरसों का तेल खरीदना वर्जित माना जाता है। जिन घरों में सूर्यास्त के बाद सरसों का तेल खरीदा जाता है। वहां पर निगेटिव एनर्जी का प्रभाव बढ़ने लगता है। ऐसा करने से परिवार के सदस्य अक्सर बीमार रहने लगते हैं। इसके अलावा कार्यों में रुकावटें आने लगती हैं।
शाम के समय दूध खरीदने से बचना चाहिए। दूध का संबंध चंद्रमा से होता है और सूर्यास्त के बाद दूध खरीदने से बचना होगा। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक ऐसा करने से घर में आने वाली निगेटिव एनर्जी में वृद्धि होती है।
वैसे तो काले तिल का दान करने से जीवन में आने वाली कष्ट और बाधाएं दूर होती हैं। लेकिन सूर्यास्त के बाद काला तिल खरीदने से बचना चाहिए। इससे कष्टों और मानसिक तनाव में वृद्धि होती है।