By अनन्या मिश्रा | Aug 05, 2026
ठंड के मौसम में अक्सर लोगों को एड़ियों के फटने और रूखेपन की समस्या होती है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिनको हर मौसम में फटी एड़ियों की शिकायत बनी रहती है। इसकी वजह न सिर्फ मौसम बल्कि कुछ सामान्य लापरवाहियां भी एड़ियों को तंग करती है। हवा में खुश्की होने की वजह स्किन से नमी कम होना लाजमी है। अधिकतर एसी में रहने या ठंड के मौसम में ऐसा होना एक सामान्य प्रोसेस है। लेकिन अगर मॉइश्चराइज न किया जाए, तो एड़ियां खुरदरी और फटने लगती हैं।
ज्यादा नहाने, खुश्क मौसम या हार्श सॉप की वजह से एड़ियों की नमी खोने लगती है।
सख्त फर्श पर लंबे समय तक खड़े रहने से।
नंगे पैर ज्यादा देर तक चलने से।
सही फिटिंग का फुटवियर न होने पर या पीछे से फुटवियर खुला होने पर।
मोटापा, इससे भी एड़ियों पर अधिक भार पड़ता है।
बढ़ती उम्र में भी नेचुरल रूप से स्किन की इलास्टिसिटी कम होने लगती है।
साइरोसिस, फंगल इंफेक्शन या एग्जिमा होना पर।
हाइपोथायरॉएडिज्म या डायबिटीज जैसी बीमारियां होने पर।
एड़ियों को मेटल के स्क्रबर से घिसना।
एड़ियों पर ज्यादा स्क्रबर करना।
रोजाना ज्यादा गर्म पानी से नहाना।
ऐसे फुटवियर पहनना जो सख्त हों और तलवों के लिए कुशन नहीं होता है।
शुरूआत में एड़ियों के रूखेपन को नजरअंदाज करना।
लंबे समय तक नंगे पैर चलना या पैर घिसकर चलना।
नहाने के बाद मॉइश्चराइजर या फुट केयर न करना।
अक्सर ज्यादा वेट वाले या मोटे लोगों में क्रैक हील की समस्या होती है। क्योंकि शरीर का भार एड़ियों पर आता है और इससे उन पर दबाव पड़ता है। जिन लोगों को लंबे समय तक खड़े रहना पड़ता है और उनको भी फटी एड़ियों की समस्या होती है। इनमें फैक्ट्री कर्मचारी, सेल्स मैन, टीचर और महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा डायबिटीज जैसी समस्याएं या एग्जिमा जैसी स्किन की बीमारियों से जूझ रहे लोगों को क्रैक हील की समस्या हो सकती है।
ज्यादातर महिलाएं पीछे से खुली चप्पलें पहनती हैं, जिनमें एड़ियां ढकी नहीं रहती हैं।
लगातार पानी में रहकर काम करने से।
जेनेटिक्स की वजह
रोजाना मॉश्चराइजर लगाए बगैर बार-बार पेडिक्योर कराना।
हार्मोन या मेनोपॉज में बदलाव की वजह से।
आप हर मौसम में फटी एड़ियों से बचने के लिए कुछ तरीके अपना सकते हैं और बदलाव करेंगे। इससे रूखी और फटी एड़ियां ठीक होंगी और हील्स भी क्रैक होने से बचेंगी।
दिन में दो बार एड़ियों पर मॉश्चराइजर लगाएं। मॉश्चराइजर में ग्लिसरीन, यूरिया, सेरामाइड और लैक्टिक एसिड जैसी चीजें होती हैं।
पैर धोने या फिर नहाने के बाद पैरों को पोंछने के बाद मॉश्चराइजर लगाना चाहिए।
सप्ताह में एक या दो बार प्यूमिक स्टोन से एड़ियों को स्क्रब करें, इससे डेड स्किन हट जाएगी।
वहीं नंगे पैर रहने से बचना चाहिए।
पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।
रात को सोने से पहले फुट क्रीम लगाना न भूलें।
बहुत ज्यादा गर्म पानी से नहाने से बचना चाहिए।
अगर नियमित देखरेख की जाए, तो एड़ियों को फटने से बचाया जा सकता है। नियमित देखरेख और रूखेपन की शुरूआत में ही अगर आप एहतियात बरतती हैं, तो क्रैक हील की शिकायत नहीं होगी। लेकिन अगर एड़ियों में ज्यादा समस्या है और दरारें गहरी हो गई हैं और उनमें खून आता है या तेज दर्द होता है। तब आपको डर्मेटोलॉजिस्ट की जरूरत पड़ती है।