By अभिनय आकाश | Feb 15, 2026
ईरान के एक मंत्री ने बीबीसी को बताया है कि अगर अमेरिका प्रतिबंध हटाने पर चर्चा करने को तैयार है, तो ईरान परमाणु समझौते तक पहुंचने के लिए समझौता करने को तैयार है। अमेरिकी अधिकारियों ने बार-बार इस बात पर ज़ोर दिया है कि इस लंबे समय से चल रही वार्ता प्रक्रिया में प्रगति में रुकावट अमेरिका नहीं, बल्कि ईरान की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समझौता चाहते हैं, लेकिन ईरान के साथ समझौता करना "बहुत मुश्किल" है। लेकिन तेहरान में बीबीसी को दिए एक साक्षात्कार में ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने कहा कि यह साबित करना अमेरिका के हाथ में है कि वे समझौता करना चाहते हैं। अगर वे गंभीर हैं, तो मुझे यकीन है कि हम समझौते की ओर अग्रसर होंगे।
स्विट्जरलैंड के मंत्रालय ने बताया कि ओमान ने छह फरवरी को अप्रत्यक्ष वार्ता के पहले दौर की मेजबानी की थी और अब वह वार्ता का आयोजन जिनेवा में करेगा। हालांकि उसने वार्ता की तारीखों का उल्लेख नहीं किया। पहली बातचीत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि कोई समझौता नहीं हुआ तो इसके परिणाम ‘बेहद गंभीर और दर्दनाक’ होंगे। ट्रंप कई बार धमकी दे चुके हैं कि अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को बंद करने पर राजी नहीं हुआ तो वह बल प्रयोग करेंगे। ईरान ने भी जवाबी हमले की चेतावनी दी है। ट्रंप ने हाल में ईरान में हुए प्रदर्शनों पर की गई कड़ी कार्रवाई को लेकर भी उसे धमकी दी थी। वहीं खाड़ी के अरब देशों ने आगाह किया है कि कोई भी हमला एक और क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकता है।