By अभिनय आकाश | Jun 04, 2024
तंजानिया में चीन ने किस कदर मजबूती से अपने पैर जमा लिए हैं। ये बात दुनिया जानती है। ऐसे में उसकी गहरी रणनीतिक पैठ को कमजोर करने के मकसद से भारत ने भी एक बड़ा कदम उठाया है। तंजानिया बंदरगाह पर अब भारत का राज होगा। अडानी इंटरनेशनल पोर्टस होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड ने तंजानिया बंदरगाह प्राधिकरण के साथ 30 साल के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत एआईपीएच अब 30 सालों तक तंजानिया के दार एस्लाम बंदरगाह पर कंटेनर टर्मिनल 2 का परिचालन और प्रबंधन करेगा। इस डील से भारत को अब अफ्रीकी महाद्वीप में काफी मदद मिलने वाली है।
अदानी इंटरनेशनल पोर्ट होल्डिंग भारतीय अरबपति गौतम अदानी के अत्यधिक विविध व्यापार साम्राज्य का हिस्सा है। समूह सक्रिय रूप से नए बाज़ारों की तलाश कर रहा था, जिसमें अफ़्रीका को एक प्रमुख नए प्रवेश बिंदु के रूप में देखा गया था। एडी पोर्ट्स ग्रुप के साथ नई डील के जरिए अडानी ने ऐसा ही किया है। इस तरह की रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से, हमारा लक्ष्य तंजानिया में बुनियादी ढांचे को विकसित करने, इसके आर्थिक विकास का समर्थन करने और विश्व स्तर पर इसकी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए हमारी संयुक्त जानकारी और विशेषज्ञता का लाभ उठाना है।