अब Supreme Court पहुंचा 3 नए कानून का विरोध, रोक लगाने की मांग को लेकर याचिका दायर

By अभिनय आकाश | Jun 28, 2024

नव संशोधित आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, 2023, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 और भारतीय नागरिक सुरक्षा (द्वितीय) संहिता, 2023 पर रोक लगाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई थी। याचिका दिल्ली के दो निवासियों अंजले पटेल और छाया द्वारा दायर की गई थी, जिसमें तीन कानूनों के शीर्षकों पर आपत्ति जताई गई थी और उन्हें अस्पष्ट और सटीक नहीं बताया गया था। तीन कानूनों के नाम क़ानून या उसके मकसद के बारे में नहीं बताते हैं। तीन कानूनों पर रोक लगाने की मांग करते हुए याचिका में दिसंबर 2023 में संसद में विधेयकों के पारित होने में अनियमितता का भी आरोप लगाया गया।

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याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह मुद्दा कि क्या पुलिस हिरासत को गिरफ्तारी से पहले 15 दिनों तक सीमित रखा जाना चाहिए, 1992 में सीबीआई बनाम अनुपम जे कुलकर्णी मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले में तय किया गया था, जिसे पिछले साल एक बड़ी पीठ को पुनर्विचार के लिए भेजा गया है। इसके अलावा, याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि 15 दिनों की पुलिस हिरासत की अनुमति देने के नए नियम से पुलिस के इस दावे पर जमानत से इनकार किया जा सकता है कि उन्हें अभी भी 15 दिनों की हिरासत अवधि समाप्त नहीं हुई है। 

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