By अनन्या मिश्रा | May 22, 2025
बता दें कि साल 2024 में नीट का पेपर लीक होने की शिकायतें सामने आई थीं। जिसके बाद एनटीए की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई थी। ऐसे में अब गड़बड़ी को रोकने के लिए सभी राज्यों में स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर प्लान पर काम किया जा रहा है।
इसके अलावा यदि जिला स्तर कमेटी और पुलिस पर किसी भी तरह का कोई संदेह होता है, तो उस स्थान का औचक निरीक्षण किया जाएगा। परीक्षा सेंटरों पर निरीक्षण के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी जाएंगे। वहीं सेंटरों पर तैयारियों की समीक्षा का जायजा लेने के लिए डीएम और एसपी विजिट करेंगे। माना जा रहा है कि साल 2024 में जो शिकायतें सामने आई थीं, उन्हीं का आकलन करने के बाद यह प्लान बनाया गया है। सरकारी स्कूलों और संस्थानों में इस बार सबसे ज्यादा सेंटर बनाए गए हैं। वहीं एनटीए ने संदिग्ध दावों की रिपोर्टिंग के लिए खास ऑनलाइन पोर्टल भी बनाया है।