By अभिनय आकाश | Aug 21, 2026
पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को असीम शक्तियां मिल रही हैं। पाकिस्तान की सरकार ने उनके हाथ में अब परमाणु की कमान दे दी है और इन सबके बीच जब यह गतिविधि पाकिस्तान में जारी है। पाकिस्तान में दूसरी तरफ हंगामा है और खबरें हैं। खबरें हैं पुष्टि नहीं करते हैं कि कुछ कार्गो मिलिट्री विमान जो तुर्किए और चीन के हैं, वह पाकिस्तान पहुंच रहे हैं। उनमें क्या ऐसा संदिग्ध सामान है? यह अपने आप में सवाल है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ भी बने हुए हैं और तो और वह अपना प्रमोशन एक बार और करवा रहे हैं। अब उन्हें पाकिस्तान की फेडरल कमेटी ने नए डिफेंस फोर्सेस एक्ट 2026 के मुताबिक जो है नेशनल कमांड अथॉरिटी एक्ट 2010 में संशोधन को हरी झंडी दी और बताया यह जा रहा है कि सैन्य कमांड स्ट्रक्चर पर बड़ा असर पड़ेगा। इसका जो बदलाव है आसिम मुनीर के पाकिस्तान में परमाणु कमांड पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ेगा और इसमें सीडीएफ की भूमिका बढ़ जाएगी। पाकिस्तान के परमाणु बटन की चाबी आसिम मुनीर के हाथ आ जाएगी। जो प्रस्तावित बदलाव आया सामने उसमें यह है कि जो चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ फोर्सेस है सीडीएफ उसके पद और उसके मुख्यालय को वैधानिक आधार दिया जाएगा। इसके तहत सीडीएफ हेड क्वार्टर की संरचना, अधिकार, प्रशासनिक व्यवस्था, स्टाफिंग, संयुक्त सैन्य योजना तीनों सेनाओं के बीच समन्वय से जुड़े और तय किए जाएंगे। यानी कि पाकिस्तान के न्यूक्लियर एसेट्स का कंट्रोल सीडीएफ के पास होगा।
इन सब के बीच जो फ्लाइट ट्रैकिंग डाटा है और कुछ मीडिया हाउसेस हैं जिसकी हम स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर सकते हैं। वो एक अटकल लगा रहे हैं। अटकल यह है कि बीते 60 घंटों के भीतर चीन और तुर्की के सैन्य विमान जो हैं वह पाकिस्तान पहुंचे हैं जिसमें संभावित हथियार सैन्य उपकरण की आपूर्ति को लेकर अटकलें हैं। ओपन सोर्स फ्लाइट ट्रैकिंग डाटा की पड़ताल में तस्वीर थोड़ी अलग है। ज्यादा सावधानी से जो है वह अगर हम उसे पेश करें तो जांच जो है फ्लाइट ट्रैकिंग डाटा की उसके मुताबिक तुर्की के एक सैन्य परिवहन विमान को लेकर तो जानकारी आई है कि टर्किश एयरफोर्स का एयरबस A400 एम एल्टास विमान जिसका रजिस्ट्रेशन जो है और वो तमाम चीजें मौजूद हैं। पाकिस्तान से जुड़ी उड़ान में ट्रैक किया गया है। ओपन सोर्स मिलिट्री एिएशन ट्रैकिंग के मुताबिक यह विमान 18 अगस्त के आसपास पाकिस्तान में था और वहां से बाद में वो वापस लौट आया।
तुर्की का सैन्य विमान जो है जो मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि 60 घंटे से ट्रांसपोर्ट हुआ है 60 घंटे तक चाइना और टर्की से तो उसमें कम से कम एक टर्की का ये विमान तो एस्टैब्लिश देखिए सैन्य परिवहन विमान इस दौरान पाकिस्तान पहुंचता है ये एस्टैब्लिश होता है। टर्किश एयरफोर्स का एक और A400 एम विमान जो है वो भी सक्रिय पाया गया। लेकिन वो एग्जैक्टली कैसे वहां पहुंचा नहीं पहुंचा इसको पुष्टि नहीं कर पाएंगे क्योंकि कई बार अब ये जो बदमाशी ये कर रहे हैं कि ट्रांसफॉर्डर बंद कर देते हैं अपना अपना डाटा छिपा लेते हैं और डार्क मोड में उड़ान भरते हैं। तो ये भी एक बड़ा खेल है ताकि कोई दुनिया उसको पकड़ नहीं पाए। इसके अलावा चाइना के वाई20 सैन्य परिवहन विमान को लेकर भी रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि नूर खान और पाकिस्तान के एयरफोर्स के मसरूर एयरबेस पर ये पहुंचे हैं। लेकिन सार्वजनिक रूप से इसकी हम स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर सकते हैं।