By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 25, 2026
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को शासन एवं सार्वजनिक सेवा वितरण में नए मानदंड स्थापित करने का अवसर प्रदान करने वाली प्रौद्योगिक बताते हुए कहा है कि ओडिशा को एक ऐसा मॉडल अपनाना चाहिए जिसमें राज्य सिर्फ प्रौद्योगिकी को अपनाने वाला न रहे, बल्कि उसका अग्रदूत बने।
माझी ने यह बात शनिवार को एक निजी एआई कंपनी के साथ बैठक में कही जिसमें राज्य में सुरक्षित, समावेशी और संप्रभु कृत्रिम मेधा परिवेश बनाने के प्रयासों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी बयान के अनुसार, चर्चा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को एक दीर्घकालिक सार्वजनिक क्षमता के रूप में स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया और संप्रभु बुनियादी ढांचे एवं राज्य के भीतर टिकाऊ संस्थागत क्षमता पर जोर दिया गया।
बैठक में माझी के अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री मुकेश महालिंग, मुख्य सचिव अनु गर्ग और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी उपस्थित रहे। चर्चा के दौरान ओडिशा सरकार ने साझा, संप्रभु कृत्रिम मेधा बुनियादी ढांचा विकसित करने का अपना दृष्टिकोण रखा।
माझी ने एआई को शासन एवं सार्वजनिक सेवा वितरण में नए मानदंड स्थापित करने का अवसर प्रदान करने वाली प्रौद्योगिक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा को एक ऐसा मॉडल अपनाना चाहिए जिसमें राज्य सिर्फ एआई को अपनाने वाला न रहे, बल्कि उसका अग्रदूत बने। बयान के मुताबिक, पांच-छह फरवरी को भुवनेश्वर में होने वाले ब्लैक स्वान शिखर सम्मेलन में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।